जिला कारागार में बंद कैदी की हार्ट अटैक से मौत

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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में हत्या के एक प्रकरण में कोर्ट के द्वारा दोषी ठहराये जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे एक कैदी की अचानक मौत हो गई। कैदी की मौत का कारण हार्ट फेल माना जा रहा है, लेकिन अभी पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मृतक कैदी जनपद शामली का निवासी था और करीब चार माह पूर्व ही जिला कारागार में लाया गया था। उसकी कई दिनों से तबियत कुछ खराब चल रही थी, जिसके लिए कारागार चिकित्सक के द्वारा उपचार किया जा रहा था। बीती रात अचानक ही सीने में तेज दर्द उठा और उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कैदी की मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को सूचित कर कैदी के शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही थी।

जिला कारागार में बंद चल रहे एक कैदी की अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो जाने से परिजनों में मातम छाया है। जनपद शामली के फुगाना थाना में दर्ज हत्या के मामले में शामली निवासी 38 वर्षीय सचिन कुमार पुत्र दरियाव सिंह को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट में लम्बे समय तक सचिन कुमार ने मुकदमा लड़ा। पिछले दिनों न्यायालय ने इस प्रकरण में बहस और गवाही पूर्ण होने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सचिन को हत्या व अन्य आरोपों के तहत दोषी ठहराया था। इसके साथ ही उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट का आदेश आने के साथ ही सचिन को पुलिस ने जेल भेज दिया था। सूत्रों के अनुसार बुधवार की रात सचिन की अचानक ही तबियत खराब होने लगी। उसको सीने में बैचेनी महसूस हो रही थी। उसने इसकी शिकायत पहरेदार से की तो उसको कारागार चिकित्सक को दिखाकर दवाई दिलाई गई। काफी देर तक आराम नहीं होने पर सचिन ने फिर से सीने में तेज चुभन जैसे अहसास की शिकायत की तो उसको जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के ईएमओ ने बताया कि गुरूवार की सुबह करीब पांच बजे जिला कारागार से एक कैदी सचिन कुमार पुत्र दरियाव सिंह को बेहोशी की अवस्था में इमरजेंसी में लाया गया। जेल वार्डर नागेन्द्र कुमार सिंह इस कैदी को लेकर आया था। कैदी का परीक्षण किया गया तो उसकी मौत रास्ते में ही हो चुकी थी। मृत अवस्था में लाये गये कैदी के शव को मोर्चरी पर रखवा दिया गया था।
जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने बताया कि जनपद शामली के फुगाना थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत दर्ज मुकदमे में आरोपी सचिन पुत्र दरियाव सिंह को कोर्ट द्वारा दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट के निर्णय पर पुलिस द्वारा सचिन को 23 फरवरी 2024 को जिला कारागार में दाखिल कराया गया था, तभी से वो कारागार में ही निरु( चल रहा था। उन्होंने बताया कि बीती रात सचिन ने सीने में दर्द की शिकायत की थी, उसको तुरंत ही उपचार दिलाया गया, लेकिन तबियत ज्यादा बिगड़ी तो उसको अस्पताल ले जाया गया था। जहां उपचार के दौरान सचिन की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि संभवतः प्रथम दृष्टया सचिन की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पायेंगी। उन्होंने बताया कि कैदी की मौत के सम्बंध में पुलिस और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल शव मोर्चरी पर रखवाया गया। परिजनों में सूचना के बाद कोहराम है। बाद में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था।

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