मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नई मंडी के आर्य समाज परिसर में 98वां तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं होलिकोत्सव श्रद्धा, उत्साह व वैदिक परंपराओं के बीच प्रारंभ हो गया। आयोजन में वैदिक यज्ञ, ध्वजारोहण, भजन-कीर्तन व प्रवचनों के बूते समाज में धर्म, सेवा और राष्ट्र भावना का संदेश दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य मौजूद रहे।

समारोह का शुभारंभ ब्रह्मयज्ञ व देवयज्ञ के साथ प्रारंभ कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के बीच ध्वजारोहण के पश्चात भजनोपदेश एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। इस दौरान यज्ञ में आहुति देकर विश्व शांति व समाज में समरसता की कामना की। कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप और विकल्प जैन अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आर्य समाज नई मंडी के प्रधान गुलवीर सिंह, मंत्री धर्मेन्द्र नीटू एवं कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश बंसल ने अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया। भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने कहा कि वैदिक संस्कृति, राष्ट्रभावना और सामाजिक एकता का यह संगम सभी को धर्म और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज में सद्भाव, समरसता और राष्ट्रहित की भावना को मिलकर और अधिक सशक्त किया जाए।
प्रधान गुलवीर सिंह ने बताया कि आर्य समाज नई मंडी का वार्षिकोत्सव 2, 3 और 4 मार्च तक आयोजित होगा। मंगलवार को सायं 3 बजे से 6 बजे तक भजनोपदेश व प्रवचन का विशेष सत्र आयोजित किया जिसमें दूर-दराज से आए विद्वानों ने विचार रखे। समारोह में वैदिक विद्वान व भजनोपदेशक रामनिवास आर्य (पानीपत), उपदेशक आचार्य विरेन्द्र शास्त्री (सहारनपुर) तथा वैदिक प्रवक्ता डॉ. रितिका आर्या ने अपने भजनों और प्रेरणादायी प्रवचनों से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम संयोजक हेमानी आर्या, विरेन्द्र आर्य, सरोज पांचाल आर्या, राज बाला आर्या एवं अर्पणा आर्या सहित आर्य समाज नई मंडी की पुरुष-महिला मंडली ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

भगवान परशुराम जन्मोत्सव शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र बने कन्हैया लाल शर्मा
मुजफ्फरनगर। भगवान विष्णु के छोटे अवतार भगवान श्री परशुराम जी महाराज के जन्मोत्सव पर मुजफ्फरनगर शहर धूमधाम से भव्य शोभायात्रा निकाल गई। इस भव्य शोभा यात्रा में जहां विभिन्न सामाजिक धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के साथ गपशप ग्रुप की ओर से बेसन के लड्डू हलवे का प्रसाद और शीतल जल की व्यवस्था की गई वहीं





