भाकियू अराजनैतिक ने किया कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन

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मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक से जुड़े पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए यूपी सरकार से इस वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश में गन्ना मूल्य 450 रुपए प्रति कुंतल घोषित किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपे गए मांग पत्र में भाकियू अ की जिला इकाई ने योगी सरकार से किसान हित में समय रहते गन्ना मूल्य भुगतान घोषित कराने के साथ अन्य समस्याओं के भी निदान कराने की मांग की।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक की जिला इकाई ने शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर महावीर चौक पर जीआईसी मैदान में एकत्र होकर वहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। इस बीच भाकियू नेताओं ने किसान समस्याओं से जुड़ा एक मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपते हुए जिले के किसानों की समस्याओं के निदान के साथ गन्ना मूल्य घोषित कराने की मांग की। भाकियू ने अपने मांग पत्र में गन्ने का मूल्य वर्तमान में चीनी मूल्य के आधार पर नहीं बल्कि उसके सह उत्पादों के आधार पर किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज गन्ने से एथनॉल, चीनी, शराब, बिजली व गैस आदि का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में पिछले वर्षों में भारत में सबसे अधिक रिकवरी वाला प्रदेश है, पर गन्ना मूल्य में हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों से भी पीछे है। खेती की लागत हर वर्ष मंहगाई सूचकांक से भी अधिक बढ़ रही है। ऐसे में उत्पादन लागत अधिक होने के कारण वर्तमान मूल्य से किसानों को घाटा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना पेराई होने के बाद भी गन्ना मूल्य का निर्धारण अभी तक नहीं किया है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष गन्ने से बनने वाले सभी उत्पादों के मूल्य में वृद्धि हुई है। वहीं उर्वरक, कीटनाशी, खरपतवार नाशी, कृषि की मजदूरी में भी 25 प्रतिशत वृद्धि होने के कारण गन्ना उत्पादन लागत में भी भारी वृद्धि हुई है।

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