मुजफ्फरनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार श्रीवास ने बताया कि शासन के निर्देश पर सत्र-2024-25 में प्रदेश में शुरू राज्य पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार की चयन समय सारिणी जारी करते हुए जिले में संचालित राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के समस्त प्रधानाचार्य, प्रधानाचार्या, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं से16 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक आॅनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये हंै।
शैक्षिक सत्र 2024-25 में राज्य अध्यापक एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के चयन के लिए आॅनलाइन आवेदन जनपद के माध्यमिक शिक्षक कर सकेंगे। आवेदन करने वाले शिक्षकों को आवेदन पत्र की एक कॉपी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करनी होगी। दोनों पुरस्कारों की घोषणा दिसंबर में होने की संभावना है। इच्छुक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं वर्तमान शैक्षिक सत्र में मिलने वाले पुरस्कार के लिए आवेदन आॅनलाइन वेबसाइट पर 16 सितंबर से कर सकते हैं, जनपदीय समिति इन प्राप्त आवेदनों का परीक्षण व स्थलीय सत्यापन कर पात्र अध्यापकों का चयन कर मंडलीय समिति के प्रस्ताव आॅनलाइन प्रेषित करेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार श्रीवास ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में जनपद में संचालित समस्त राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् से मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार हेतु चयन किये जाने के संबंध में वेबसाइट पर आॅनलाईन आवेदन भरने के उपरान्त हार्ड कापी समस्त संलग्नकों सहित 04-04 प्रतियों में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में 16 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। इसके उपरान्त प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा, जिसका उत्तरदायित्व संबन्धित का ही होगा।

श्री बालाजी धाम मंदिर में पुरुषोत्तम मास में आयोजित अखंड हरिनाम कीर्तन पाठ का विधिवत समापन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्री बालाजी धाम मन्दिर सेवा समिति द्वारा पुरुषोत्तम मास में 17 मई से15 जून तक सीताराम मंदिर में अखंड हरिनाम “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” महामन्त्र जाप का भव्य आयोजन अध्यक्ष हरिशंकर तायल की देखरेख में किया गया। पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन सोमवती अमावस्या को इस पूरे एक महीने तक चले आयोजन का






