मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिरेन्द्र कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया। लोक अदालत में कुल चार लाख इक्कीस हजार आठ सौ पन्द्रह प्रकरण निस्तारित किए गए। शुभारंभ अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस लोक अदालत में होने वाले फैसले में हार-जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता, क्योंकि जब वादकारी एक-दूसरे के साथ में आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है। इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऋण मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट देते हुए प्रकरणों का निस्तारण करना तय करें।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय खलीकुज्जमा ने पारिवारिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किये जाने पर बल दिया। लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 182 मामलों का निस्तारण किया। राष्टÑीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। लोक अदालत समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/सिविल जज (सी.डी.) डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 4,21,815 मामलों को निस्तारित किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण आदेश नैन द्वारा कुल 85 वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में करते हुए कुल 8,97,98,000/-रुपये प्रतिकर के रूप में प्रदान किया गया। वहीं जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों में कुल 7218 शमनीय फौजदारी, 50 दीवानी वादों का निस्तारण करते हुए इस बीच शमनीय फौजदारी वादों में 20,64,130 रुपए का अर्थदण्ड वसूल किया गया। वहीं दीवानी वादों में कुल 86,83,900.47 रुपए का उत्तराधिकार आदि का अनुतोष प्रदान किया गया। इसके अलावा जनपद न्यायालय 138 एनआई एक्ट न्यायालय द्वारा कुल 17 वादों का निस्तारण करते हुए 26,46,876 रुपए का अर्थदण्ड वसूला गया। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा कुल 16,888 राजस्व मामलों का निस्तारण कर कुल 1,62,12,828 रुपए का राजस्व वसूल किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों वादों द्वारा 585 बैंक ऋण मामलों का निस्तारण कराते हुए कुल 6,33,72,000 रुपए का इस दौरान सेटलमेंट किया गया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 4,21,815 प्रकरण निस्तारित, जनपद न्यायाधीश ने किया लोक अदालत का शुभारंभ
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