मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सिंचाई विभाग की ओर से निर्मित कराई गईं तीन सड़कों की गुणवत्ता मामले में ग्राम पीनना निवासी शिकायतकर्ता सुमित मलिक की कलक्ट्रेट में शुरू भूख हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को चिकित्सकों की एक टीम ने मेडिकल चेकअप किया इस दौरान सुमित का वजन 3 किलो घटा पाया गया जबकि सुमित का बीपी और शुगर स्थिर था। आपको बता दे कि धरने पर बैठे शिकायतकर्ता के पास दो दिन बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो बुलेटिन ने अपने समाचार पत्र के माध्यम से इस खबर को निष्पक्षता से प्रकाशित किया जिसके बाद तीसरे दिन सुमित का मेडिकल चेकअप ओर देर शाम सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ और एलआईयू इंस्पेक्टर आकाश कुमार ने भूख हड़ताल पर बैठे सुमित से वार्ता की और उसका हाल जाना। शिकायतकर्ता सुमित मलिक का कहना है कि जनपद में तमाम जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रभारी मंत्री सोमेन्द्र तोमर ने निर्माण में अनियमितता की जांच कराई थी। सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देश भूषण ने डीएम के निर्देश पर पांच दिसंबर को बुड़ीना खुर्द और 18 दिसंबर को चरथावल-पीनना मार्ग राजवाहा पटरी पर बनी सड़क का निरीक्षण कर जांच की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं हुई ऐसा क्यों? सुमित ने बताया कि मेरी भूख हड़ताल जांच पूरी होने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सहित सड़क का मजबूती से निर्माण होने तक जारी रहेगा।






