मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।
डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।

सक्षम की बैठक में किया प्रांत प्रशिक्षण वर्ग और नेत्र कुंभ को सफल बनाने का आह्वान
हरिद्वार (रिपोर्टर)। समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) की जिला इकाई की बैठक शुक्रवार को गंभीर मार्ग स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यालय पर संपन्न हुई। बैठक में रविवार से शुरू हो रहे प्रांत प्रशिक्षण वर्ग और अर्द्ध कुंभ के दौरान आयोजित किए जाने वाले नेत्र कुंभ को सफल बनाने का आह्वान किया






