मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। हिन्दू एकता एवं धार्मिक चेतना की लहर रविवार को नगर के विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दू सम्मेलन के रूप में दिखाई दी। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने गौरवशाली शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित सम्मेलनों की श्रृंखला में नगर में 5 सम्मेलन आयोजित किए। सरस्वती शिशु मंदिर केशवपुरी में मुख्य अतिथि स्वामी यशवीर जी महाराज एवं आरएसएस से सेवादास जी प्रान्त सह कार्यवाह, सुनीता गौड़ मौजूद रहे। मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी यशवीर महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दुओं को जाति में बांटकर कमजोर किया जा रहा है, ऐसे में हमें एक रहना है। अगर एक रहे और सभी जाति के लोग एक-दूसरे के दु:ख व सुख में एक साथ रहे तो हिंदू समाज मजबूत होगा और कोई भी हमें तोड़ नहीं सकेगा। उन्होंने कुरीतियों से दूर रहने और एक सूत्र का पाठ पढ़ाया।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से प्रान्त सह कार्यवाह सेवादास ने संघ के 100 वर्षों के इतिहास के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुए संघ के पंच परिवर्तन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने हिंदुओं में सेवा, संगम एवं सहयोग की भावना पैदा करने की जरुरत पर बल दिया। नगर क्षेत्र में दूसरा विराट हिन्दू सम्मेलन ब्राह्मण कॉलेज फार्म में हुआ, जिसमें अतिथि ब्रह्म विद्या पीठाधीश्वर श्री महदेवाश्रम जी महाराज ने कहा कि हिन्दू समाज को एक रहने के साथ अपने धर्म ग्रंथों की जानकारियां भी रखनी चाहिए। यहां पर मुख्य वक्ता भूपेंद्र जी विभाग प्रचार प्रमुख लक्ष्मीनगर जी ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा राधिकापुरम बचन सिंह कॉलोनी में मुख्य अतिथि गौरवानंद महंत भूपखेड़ी परमानन्द आश्रम रहे, जिन्होंने हिंदू समाज में परिवर्तन का विचार रखने के साथ एक रहने और एक-दूसरे के दु:ख-सुख में साथ रहने पर जोर दिया। यहां पर मुख्य वक्ता संघ से विकास भार्गव विभाग प्रचार प्रमुख रहे। चौथा हिन्दू सम्मेलन शिव मंदिर सुरेंद्रनगर में रहा जिसमें मुख्य अतिथि ब्रह्मपीठाधीश्वर महादेव आश्रम जी महाराज ने हिन्दू एकता पर जोर दिया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सुरेंद्र विभाग संयोजक ग्राम विकास ने संघ के 100 वर्षों के बारे में विस्तार से चर्चा की व पंच परिवर्तन के विषय में बताया।






