मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष चमन लाल ढिंगान के नेतृत्व में वाल्मीकि समाज के दर्जनों लोगों और पालिका के सफाई कर्मियों ने टाउनहाल प्रांगण में धरना शुरू कर दिया। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पर आरोप लगाए कि पूर्व में सफाई कर्मियों के हितों को लेकर अधिकारियों को दिए 17 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर समाधान का कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के धरने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कामबंद हड़ताल की जायेगी।
जिलाध्यक्ष चमन लाल ढिंगान ने बताया कि मई माह में पालिका सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह और फिर एडीएम प्रशासन को 17 बिन्दुओं पर मांग पत्र सौंपा गया था। इसमें सफाई कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी का चुनाव कराने, कर्मियों की लंबित ठंडी व गर्म वर्दी भुगतान, मृतक आश्रितों को योग्यता के आधार पर नियुक्ति देने, अवकाश और आपात स्थिति में सफाई कार्य कराने पर ओवर टाइम देने, सफाई नायकों को 2 लीटर पेट्रोल प्रतिदिन देने, संविदा कर्मियों को समान कार्य समान वेतन व्यवस्था समेत अन्य मांग की गई थी, लेकिन इसे लेकर नगर पालिका प्रशासन ने कोई भी गंभीरता नहीं दिखाई। चमन लाल का कहना है कि 23 मई को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने 17 मांगों पर बिन्दुवार जानकारी उपलब्ध कराई, जो असंतोष जनक है, क्योंकि संघ के साथ वार्ता ही नहीं की गई और प्रशासन को भी यह रिपोर्ट भेजकर भ्रमित किया गया। इसके लिए 2 जून को ईओ को पत्र देकर 09 जून तक समाधान न करने पर हड़ताल की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बाद भी वार्ता नहीं की गई, जो पालिका प्रशासन की कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। ऐसे में समाज हित में धरना शुरू किया गया है। यदि समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल के बाद कामबंद हड़ताल का निर्णय लिया जायेगा। इस दौरान मुख्य रूप से सागर वाल्मीकि, राजेन्द्र कुमार, दिलनवाज, रमेश कुमार, दीपक कुमार, विशाल, वेदपाल, पाल्ले राम, प्रवीण कुमार, सावन, भूषण, कालूराम, अशोक, राहुल आदि अन्य सफाई कर्मचारी व वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद रहे।
इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारियों के हितों से जुड़ी जो मांग उठाई गई थी, उनको लेकर काम किया गया है, कुछ प्रकरण शासन स्तर से जुड़े हैं, उसके लिए प्रशासन को जवाब भेज दिया है। वर्दी आदि का भुगतान हो चुका है, कोई अन्य देय बकाया नहीं है। फिर भी हम वार्ता के लिए तैयार हैं, बैठकर समाधान कराया जायेगा।







