मुजफ्फरनगर। जनवरी माह के शुरू होने के साथ दिल्ली-एनसीआर व वेस्ट यूपी समेत उत्तर भारत में मौसम में जारी उतार-चढ़ाव के चलते सूर्य की आंख मिचौनी के चलते छिटपुट गतिविधियां जोर पकड़ने लगी हैं। हालांकि, अभी तक जनवरी माह में सिर्फ ठंडे दिनों व कोहरे की स्थिति चहुंओर देखी गई है। वैसे इस महीने में अभी तक शीतलहर का वैसा असर तो नहीं देखा गया, पर सप्ताहांत के आसपास मैदानी इलाकों में बारिश होने के साथ ही शीलतहर फिर से लौट सकती है। बीते वर्ष जनवरी में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में सर्दियों की बारिश करीब नदारद थी। इस बार उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, वेस्ट यूपी और उत्तर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम बारिश होने की स्थिति बन रही है। वहीं उत्तराखंड के कुछ हिस्सों तक भी बारिश पहुंच सकती है, लेकिन अन्य पर्वतीय राज्यों में इसका असर नहीं होगा।
मौसम में जारी हुए बदलावों के बीच मुजफ्फरनगर जनपद के साथ आसपास के इलाकों में बीते कई दिनों से कड़ाके की ठंड व सर्द हवाओं का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। हालांकि कोहरे का प्रकोप कम होने से वाहनों की गति में कोई गतिरोध कई दिनों से देखने को नहीं मिल रहा, लेकिन सुबह के समय वाहनों के आवागमन में कमी देखी जा सकती है। जिले में मौसम विभाग के जारी आंकड़ों में रात्रि के तापमान में 3 डिग्री की कमी के साथ न्यूनतम पारा 7.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 3 डिग्री गिरावट के साथ 16 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान में जारी गिरावट के साथ 4 प्रतिशत गलन बढ़ने से आने वाले दिनों में और सर्दी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। वैसे तो आमतौर पर सर्दियों की बारिश पश्चिमी विक्षोभ के कारण होती है, जो पहाड़ों के ऊपर से गुजरता है। इस बार की बारिश मैदानों से शुरू होगी और अरब सागर से आने वाली नमी इसका मुख्य स्रोत होगी। अरब सागर के उत्तर तट पर एक परिसंचरण विकसित हो रहा है, जो बाद में राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा, यही बारिश का मुख्य ट्रिगर होगा। यह परिसंचरण प्रेरित चक्रवातीय गतिविधियों को उत्प्रेरित करेगा, जबकि मध्य और ऊपरी स्तरों में ट्रफ की मौजूदगी इसे मजबूत बनाएगी। इस बार की मौसम गतिविधियां काफी हद तक मैदानों व तलहटी क्षेत्रों तक सीमित रहेंगी, जबकि पहाड़ी क्षेत्र में इसका प्रभाव मामूली रहेगा। मौसम विभाग के अनुमान के बीच 10 जनवरी से राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू होगी, जैसे-जैसे सकुर्लेशन मजबूत होगा, वैसे 11 जनवरी से बारिश का प्रसार व तीव्रता भी बढ़ेगी। वहीं, पंजाब के लुधियाना, पटियाला, संगरूर, जालंधर और चंडीगढ़ में बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली और अन्य राज्यों में बारिश का प्रभाव: दिल्ली में शनिवार, 11 जनवरी को भारी बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर बढ़ेगा व बारिश लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और अयोध्या तक फैल जाएगी। वहीं अगले दिन 12 जनवरी को अधिकांश स्थानों पर मौसम साफ होगा, हालांकि मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। अगले सप्ताह की शुरूआत में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना है।






