पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में करें भागीदारी: डीएम

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मुजफ्फरनगर। जनपद में शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अनुसरण को लेकर विकास भवन सभागार में मीडिया से वार्ता करते हुए डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि योजना के धरातल पर क्रियान्वयन की सफलता के लिए सबके सहयोग की जरुरत है। उन्होंने मीडिया से इस योजना से जुड़ने के साथ अन्य को जोड़ने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष तय समय में लोन देने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों को लोन दिया गया है, उनके खाते फ्रीज न किए जाएं। वहीं उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारी से सत्यापन व नेटमीटर कार्य ससमय करने एवं वेंडरों को गुणवत्तापूर्वक संयंत्रों की स्थापना किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि अगर गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो कठोर कार्यवाही करने की जाएगी। सोलर मॉडल ग्राम हेतु चयनित ग्रामों के प्रधानों को अपने घर में सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए अनुरोध किया। वहीं बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि चयनित ग्रामों में समिति गठन के साथ ग्रामीणों को योजना की पूर्ण जानकारी देकर जागरूक करें। डीएम ने पीडी यूपीनेडा को निर्देश दिए कि जल्द सीडीओ की अध्यक्षता में बैंक, विद्युत विभाग, वेंडर्स, बीडीओ संग साप्ताहिक समीक्षा बैठक कराई जाए।

परियोजना प्रभारी नेडा भजन सिंह ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के अन्तर्गत जनपद में 50 हजार घरों पर आॅनग्रिड सोलर रूफटॉप पॉवर प्लांट स्थापित करने के लिए 50 हजार घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत 2 किलोवाट के संयंत्र की स्थापना पर पात्र को 90 हजार रुपए का अनुदान मिलता है। वहीं 3 किलोवाट के संयंत्र पर रुपए 1 लाख 8 हजार राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। योजना में अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपए का अनुदान देय है, जिसमें बैंक द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज दर पर लाभार्थियों को लोन की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एक किलोवाट से 10 किलोवाट तक के घरेलू विद्युत कनेक्शन वाले लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकते है। उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट के संयंत्र में प्रतिदिन औसतन 5 यूनिट विद्युत उत्पादन होता है। आमतौर पर घरों में 2 किलोवाट के विद्युत कनेक्शन होते हैं, इसमें औसतन प्रतिदिन 10 यूनिट विद्युत प्राप्त होती है। इस तरह माह में लगभग 300 यूनिट विद्युत का उत्पादन होता है जिसमें नेट मीटर की भी सुविधा है। जनपद में वर्तमान में 25 वेण्डर्स पंजीकृत है। संयंत्र स्थापना हेतु लाभार्थी को नेशनल पोर्टल पर आवेदन करना होता है। वेंडर्स लाभार्थियों का पंजीकरण फ्री किया जाता है। लाभार्थी अपना आवेदन नेशनल पोर्टल पर स्वयं भी कर सकता है। बैठक में सम्बन्धित विभाग के अधिकारीगण एवं वेण्डर्स उपस्थित रहे।

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