भाकियू की जिम्मेदारी से बचने वालों पर चला चाबुक

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मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने संगठन के प्रति सक्रिय न रहने और टिकैत जयंती जैसे कार्यक्रम में भी जिले की अनुशासन समिति के न पहुंचने पर तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही लखनऊ मुख्यालय पर हुए इस कार्यक्रम में शामिल न होने वाले जिले के कई अन्य पदाधिकारियों पर जल्द ही कार्यवाही की गाज गिर सकती है।
भाकियू के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठन को मजबूत बनाने और एकजुटता के साथ संगठनात्मक कार्यक्रमों में संलिप्तता को लेकर सख्ती के साथ काम हो रहा है, इसके बाद भी कुछ पदाधिकारी संगठन के कार्यक्रम की अनदेखी कर रहे हैं। भाकियू द्वारा इस बार संगठन के संस्थापक अध्यक्ष स्व. चौ. महेन्द्र सिंह टिकैत की 89वीं जयंती लखनऊ स्थित इको गार्डन में मनाई। इस आयोजन में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं को पहुंचने के लिए केन्द्रीय कार्यालय से दिशा निर्देश जारी किये गये थे, लेकिन आयोजन से कुछ पदाधिकारियों ने भी मुंह मोड़ लिया। कार्यक्रम के बाद समीक्षा में मुजफ्फरनगर में संगठनात्मक मामलों को देखने के लिए गठित अनुशासन समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। समिति में नगर पंचायत पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी, प्रदेश महासचिव धीरज लाटियान, श्यामपाल चेयरमैन, सतेन्द्र पुण्डीर और भारतवीर आर्य शामिल थे।
भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि पांच सदस्यीय अनुशासन समिति को शीर्ष नेतृत्व द्वारा भंग किया है। इसमें शामिल पांच सदस्यों में से केवल चेयरमैन पुरकाजी व प्रदेश उपाध्यक्ष जहीर फारूकी ही लखनऊ में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा लखनऊ कार्यक्रम के लिए समीक्षा की जा रही है। इससे गैर हाजिर रहने वाले कुछ और पदाधिकारियों पर जल्द ही कार्यवाही हो सकती है।

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