मुजफ्फरनगर। त्यौहारी सीजन के बीच पालिका से स्वास्थ्य अधिकारी की छुट्टी हो जाने के कारण अब सफाई व्यवस्था बेपटरी होने के कगार पर हैं। नगर क्षेत्र में शासन के निर्देश पर चेयरपर्सन और ईओ द्वारा डलावघर बंद होने से सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर पालिका में हंगामा हो गया। विरोध के बढ़ने पर ईओ सभागार से चली गई। इस बीच सफाई कर्मचारियों ने सभागार में हुटिंग करते हुए हंगामा किया। बाद में ईओ ने मामले से चेयरपर्सन को अवगत कराया।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और शासन के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन ने शहर के डलावघर बंद कराने का अभियान छेड़ रखा है। बीते 3 दिनों से शहर में किसी भी डलावघर पर कूड़ा नहीं डाले जाने के साथ आईएमटूसी कंपनी द्वारा उक्त कूड़ा मखियाली में बने सेंटर पर भेजा जा रहा है। इन 3 दिनों में शहर की व्यवस्था अच्छी चली आ रही थी। मामले में उस वक्त राजनीतिक रूप ले लिया, जब सफाई कर्मचारी संघ के पूर्व पदाधिकारी कुछ सफाई नायकों के साथ पालिका चेयरपर्सन के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी समस्याओं को रखने के साथ बताया कि सभी डलावघर एक साथ बंद होने से परेशानी हो रही है। वहीं नगर से मखियाली काफी दूर है। ऐसे में रेहडों से कूड़ा लेकर वहां नहीं जा सकते हैं। चेयरपर्सन ने ईओ को सफाई कर्मचारियों से वार्ता करने के लिए कहा। इस बीच ईओ प्रज्ञा सिंह ने पालिका सभागार में कर्मचारियों के बीच पहुंची। वार्ता शुरू होते ही कुछ सफाई कर्मियों ने हंगामा कर दिया। यह देख ईओ ने स्पष्ट किया कि समस्या समाधान के साथ सफाई मुख्य मुद्दा है, जिसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। कर्मियों द्वारा बात सुनने के बजाए हंगामा करने पर ईओ सभागार से वापस अपने कार्यालय में चली गई। ईओ के जाते ही वहां पर मौजूद सफाई कर्मचारियों ने इस बीच नारेबाजी करने के साथ ही हुटिंग भी की, जिसकी शिकायत ईओ ने चेयरपर्सन को करते हुए मामले से अवगत करा दिया। नगर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में शुरू हुई कवायदों के बीच कंपनी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह, सैकेंड्री पार्इंट इंचार्ज कुलदीप पुंडीर, जोन इंचार्ज अनुभव त्यागी, मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश कुमार, सफाई निरीक्षक प्रलक्षा मैनवाल समेत पालिका के सभी सफाई नायक, सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं अन्य कर्मचारी बैठक में मौजूद रहे।
इन्होंने कहा-
ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि शासन के निर्देश पर डलावघरों को बंद किया गया है। बीते तीन दिन डलावघर बंद होने के कारण क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था बेहतर रही है। वहीं डलावघरों पर कूड़ा नहीं आया है। कुछ प्राइवेट सफाई कर्मचारी व्यवस्था को बिगाड़ने में लगे हुए हैं। कूड़े को बेचने को उक्त लोगों द्वारा ठेका दिया है। इसमें पालिका के कई सफाई नायकों की भी इस बीच भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।






