दो सभासदों को घेरने की तैयारी: लगाए 2.97 करोड़ की अनियमितता के आरोप

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मुजफ्फरनगर। नई मंडी के गांधीनगर निवासी राजवीर सिंह ने शासन में शिकायत करते हुए पालिका के 2 सभासदों पर 2.97 करोड़ रुपए के वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। इस मामले में शासन स्तर से शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अनु सचिव संजय कुमार तिवारी ने डीएम मुजफ्फरनगर को उक्त मामले की जांच करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
समाजसेवी राजवीर सिंह ने पूर्व में पालिका ईओ को सभासद राजीव शर्मा और मनोज वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी कि सभासदों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से शानू चौधरी व अभिषेक एवं अन्य ठेकेदारों के साथ मिलकर पालिका अफसरों व ठेकेदारों को डरा-धमका कर टैंडर अपने चहेते ठेकेदारों के नाम कराकर स्वयं ठेकेदारी कर पालिका को वित्तीय हानि पहुंचा रहे हैं। उक्त शिकायत की प्रति राजवीर सिंह ने प्रमुख सचिव नगर विकास समेत निदेशक नगर निकाय व मंडलायुक्त समेत अन्य अफसरों को भी भेजी थी। उसने शिकायत में बताया कि पालिका में आईजीएल कम्पनी को पैसा वापस दिया जाना था, लेकिन दोनों सभासदों ने पालिका की चेयरपर्सन एवं अन्य अधिकारियों को भ्रमित करते हुए एक प्रस्ताव बोर्ड से पास करा लिया गया कि कम्पनी को पैसा वापिस न किया जाये तथा पालिका द्वारा गड्ढे भरे जायें। इसके बाद में गड्ढे भरने का ठेका अपने चहेते ठेकेदार शानू चौधरी के नाम कराकर स्वयं ही मानक के विपरीत तथा नियम के विरूद्ध गड्ढे भरवाकर भुगतान लेने का प्रयास किया जा रहा है जबकि शानू चौधरी पालिका का ठेकेदार भी नहीं है। पालिका में सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए 11 गांव में नलकूप संचालन का टेंडर निकालने में भी खेल किया गया है। राजवीर ने आरोप लगाया कि इसमें सभासदों ने अपने चहेते ठेकेदार अभिषेक को 3 प्रतिशत कम पर टेंडर दिला दिया है। यह कार्य करीब 11 करोड रुपए का है। दोनों ठेकेदार स्वयं इस कार्य को करा रहे हैं। उधर, शासन की ओर से बीते 22 जुलाई को जारी पत्र के आधार पर मामले में डीएम से जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उक्त पत्र में अनु सचिव संजय कुमार तिवारी ने डीएम को भेजे पत्र में पालिका के सभासदों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से ठेकेदारों के साथ मिली भगत मामले में टैंडर में वित्तीय अनियमितता की जांच कराने का अनुरोध किया है।

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आरोप पूरी तरह निराधार, की जाए निष्पक्ष जांच: राजीव शर्मा
मुजफ्फरनगर। सभासद राजीव शर्मा व मनोज वर्मा ने गांधीनगर निवासी राजवीर सिंह द्वारा लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की बात की है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका बोर्ड बैठक में उनके ऊपर जिस प्रस्ताव में दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है, उक्त आईजीएल कम्पनी को पैसा वापस दिया जाने के प्रस्ताव का बोर्ड बैठक में वार्ड सभासद योगेश मित्तल ने विरोध करते हुए सदन में पैरवी की थी, जिसके विरोध के चलते उक्त प्रस्ताव को निरस्त कराया गया था। ऐसे में उनकी भी जांच होनी चाहिए। साथ ही दोनों वार्ड सभासदों ने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में हम दोषी पाएं गए, तो हमारे प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।

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