लिपिक ने कर लिया खेला, अब कर्मचारी बोल रहे नहीं हुई वसूली!

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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में विवादों का कारण तमाम प्रयासों के बावजूद थमने का नाम नहीं दे रहा है। ऐसे में पालिका में एक बाद एक विवाद उत्पन्न हो रहा है। नगर पालिका के बीपी को की गड़बड़ी के चलते आए दिन पालिका में विवाद होना आम बात हो गई है। ताजा विवाद पथ पर प्रकाश विभाग के लिपिक से  जुड़ा है, जिसमें लिपिक पर ठेका कर्मचारियों से वेतन जारी करने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप है। सभासद की शिकायत पर अब ठेका कर्मचारी अवैध वसूली की बात से न केवल इंकार कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने विभागीय लिपिक के पक्ष में लिखित में भी यह साक्ष्य दे दिया है। अब इसे खेल कहें या अपनी नौकरी बचाने का भय, इसी मुद्दे को लेकर सभासद देवेश कौशिक फिर से मुखर हुए और उन्होंने पथ प्रकाश लिपिक पर कर्मचारियों को धमकाकर अपने पक्ष में जबरन साक्ष्य तैयार कराने के आरोप लगाते हुए जांच कराये जाने की मांग की है। ईओ और एडीएम प्रशासन से मिलकर भाजपा सभासद ने यह प्रकरण उठाते  हुए जांच की मांग की थी, जिसमें आरोपी लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही तीन दिन का समय दिया है।

पालिका के वार्ड 26 के सभासद एवं भाजपा नेता देवेश कौशिक ने पूर्व में आरोप लगाया था कि पथ प्रकाश विभाग के लिपिक गोपीचंद वर्मा द्वारा विभाग में स्ट्रीट लाइट के लिए ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों से प्रतिमाह 500 रुपये वेतन से अवैध रूप से वसूल किये जा रहे हैं। उन्होंने इस पर कार्यवाही की मांग की। कार्यवाही होती इससे पहले ही इस मामले में नया मोड़ आ गया है। सभासद देवेश ने मंगलवार को ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह और एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह से मिलकर इस प्रकरण में शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की है।
सभासद देवेश का आरोप है कि लिपिक गोपीचंद के खिलाफ पूर्व में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर लोकायुक्त के द्वारा दोषी पाये जाने पर रिकवरी आदेश जारी किये गये थे, इस पर प्रशासन ने अपनी कार्यवाही जारी कर रखी है। इसके साथ ही शहर में तिरंगा लाइट लगाने में भी गोपी के खिलाफ प्रशासन ने शिकायत पर जांच कराई, इसमें भी दोष साबित हुआ और प्रशासन ने कार्यवाही के लिए पालिका को निर्देश दिये, लेकिन इसे ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया। सभासद देवेश का कहना है कि पथ प्रकाश के ठेका कर्मियों से अवैध वसूली के प्रकरण में भी कार्यवाही नहीं होने से उनके हौंसले बुलन्द हैं और इस शिकायत के बाद उनके सामने यह बात आई है कि लिपिक गोपीचंद ठेका कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की धमकी देकर उनसे लिखित में यह साक्ष्य लिया है कि उनके साथ कोई अवैध वसूली नहीं की गई है। सभासद ने ईओ डॉ. प्रज्ञा से निष्पक्ष जांच करने और पथ प्रकाश विभाग से हटाने की मांग की है।

ईओ का कहना है कि सभासद द्वारा शिकायत मिली है, मामले में रिपोर्ट मांगी जा रही है। चल तू गाड़ी वापस उन्होंने लिपिक को तीन दिन का समय देते हुए‌ स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, लिपिक गोपीचंद का कहना है कि उनके द्वारा किसी को भी धमकाया नहीं गया है, सभासद ने जो अवैध वसूली के आरोप लगाये हैं, वो बेबुनियाद है। इससे कर्मचारियों में भी रोष है। कर्मचारी ही उनके पक्ष में खुद खड़े हुए हैं।

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