मुजफ्फरनगर। डीएम उमेश मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का तय समय सीमा में जांच करने के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायती प्रार्थना पत्रों पर जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच व कार्यवाही की स्थिति का अवलोकन करते हुए कहा कि इन शिकायतकर्ता द्वारा उच्चाधिकारी एवं अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्रों को समयान्तर्गत प्रेषित (प्राप्त किन्तु अनमार्क संदर्भों की श्रेणी) किया जा रहा है किन्तु कतिपय जांच अधिकारी द्वारा उक्त संदर्भों को नियत समय दो दिनों के बाद कार्यालय स्तर पर लंबित न कर संदर्भों के निस्तारण नियत तिथि 30 दिवस से ठीक पहले किया जा रहा है तथा अन्य विभाग से संबंधित प्रकरण में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को वापस किये जा रहे है, जिससे निस्तारण गुणवत्ता प्रभावित हो रही है साथ ही ऐसा करने से जनपद तहसील की रैंक प्रभावित होती ही है। ऐसे प्रकरणों को मुख्यमंत्री जी कार्यालय द्वारा असंतोषजनक फीडबैक/सी-श्रेणी प्रदान की जाती है, जिससे प्रदेश स्तर पर जनपद की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव प्रड़ता है जो उचित नहीं है। उन्होंने निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक संदर्भ की नियत समय सीमावधि (अधिकतम 02 दिवस) के भीतर अनिवार्य रूप से जांच कर प्रकरण सम्बन्धित अधिकारी को जांच/नियमानुसार कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जाये साथ ही अन्य विभाग से संबंधित प्रकरणों को उसी दिन वापस कर दिया जाये। उन्होंने अधीनस्थों को स्पष्ट किया कि अधोहस्ताक्षरी द्वारा किसी कार्य दिवस में पोर्टल कर अवलोकन कर रैंडमली इन शिकायती प्रार्थना पत्रों की स्थिति की जांच की जायेगी। विपरीत स्थिति पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी को दोषी मानते हुए उनके विरूद्ध एकपक्षीय रूप से दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी, जिसका उत्तरदायित्व सम्बन्धित अधिकारी का होगा।






