जन्म-मृत्यु में फर्जी साइन से बखेड़ा, चीफ ने किए हाथ खड़े

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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के जन्म-मुत्यु पटल पर जांच रिपोर्ट फर्जी तैयार कर अधिकारियों की आंखों में धूल झौंकने का काम थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से एक जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन को पुन: परीक्षण के लिए वापस भेज दिया। इसमें ईओ द्वारा गठित समिति सदस्य के जांच रिपोर्ट पर फर्जी हस्ताक्षर किये गये थे। मामले में शिकायत मिलने पर ईओ ने जहां रिपोर्ट तलब करते हुए संबंधित लिपिक से पूछताछ की, वहीं सीएसआई ने जांच रिपोर्ट कमेटी से खुद को हटाने का आग्रह करते हुए रिपोर्ट की तस्दीक करने से इंकार कर दिया।
नगरपालिका परिषद् स्वास्थ्य विभाग के जन्म-मृत्यु पटल पर फर्जीवाडेÞ का खेल बेखौफ होकर खेला जा रहा है। इसमें कई बार विवाद सामने आये, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने से फर्जीवाड़े में शामिल कर्मचारियों के हौंसले बढ़ने लगे हैं। ताजा प्रकरण में जन्म प्रमाण पत्र के लिए किए एक आवेदन पर लगाई गई रिपोर्ट की तस्दीक के लिए जांच कमेटी के एक सदस्य के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए, जिसका खुलासा होने पर पालिका में हलचल है। बताया गया कि एक साल से पूर्व जन्म- मृत्यु प्रकरणों में शासन द्वारा की गई व्यवस्था के अनुसार शपथ पत्र के आधार पर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन करने के बाद पालिका प्रशासन द्वारा जांच कराई जाती है, इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर मजिस्ट्रेट द्वारा आवेदन को स्वीकार-अस्वीकार किया जाता है। इसमें पूर्व में नगर स्वास्थ्य अधिकारी व दूसरे अधिकारी ही जांच रिपोर्ट भेजते रहे हैं, लेकिन पूर्व में हुए एक प्रकरण के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने ईओ के स्तर से ही जांच रिपोर्ट प्रेषित करने की व्यवस्था कराई थी। इसमें ईओ ने आवेदनों की जांच के लिए सीएसआई योेगेश कुमार व एसआई प्लाक्षा मैनवाल की दो सदस्यीय समिति बना दी थी। संबंधित लिपिक के बाद जांच कमेटी की तस्दीक हो जाने पर ईओ द्वारा अपने हस्ताक्षर से आवेदन जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है। इसमें जांच रिपोर्ट पर सीएआई योगेश कुमार के फर्जी हस्ताक्षर कर रिपोर्ट भेजने का भंड़ाफोड़ हुआ है। अक्टूबर माह में एक व्यक्ति ने अपने पुत्र के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन किया। इसमें जांच के बाद रिपोर्ट अग्रसारित कर दी। अब तीन दिन पूर्व यह आवेदन कुछ भूल सुधार के लिए पालिका को वापस करते हुए दोबारा रिपोर्ट मांगी गई, तो पता चला कि जांच रिपोर्ट में सीएसआई योगेश कुमार के फर्जी हस्ताक्षर किये गये थे। यह देखकर सीएआई ने पत्रावली ईओ के समक्ष पेश कर शिकायत की, तो बखेड़ा खड़ा हो गया। सीएसआई का दावा है कि जांच रिपोर्ट पर उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं, ऐसे में न जाने कितनी रिपोर्ट पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दिये हैं। उन्होंने ईओ से इसकी जांच कराने का आग्रह किया और ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट का सत्यापन करने से इंकार कर दिया है।
इन्होंने कहा-
नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप का कहना है कि जन्म-मृत्यु से सम्बंधित एक साल पुराने प्रकरणों के आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी ईओ की तय की गई है और उनके द्वारा अग्रसारित रिपोर्ट के आधार पर हम निर्णय ले रहे हैं। फर्जी साइन वाला प्रकरण संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो हम गंभीरता से कदम उठायेंगे और ईओ से भी रिपोर्ट मांगी जायेगी।

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