मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। ज्ञात हो कि नगर के रामलीला टीला मुजफ्फरनगर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा का द्वादश ज्योतिर्लिंग की पावन कथा गायन व यज्ञ भंडारे के साथ विश्राम हुआ।

कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव कलियुग के ऐसे देवता है जो अल्प आराधना मात्र से प्रसन्न हो जाते है। चंद्रमा को जब दक्ष से श्राप मिला जिसे उसे कुष्ठरोग हो गया तो भगवान शिव सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में कृपा किये अनजाने में निषाद ने महा शिवरात्रि का व्रत किया तो भगवान उससे भी संतुष्ट होकर उस पर कृपा भी किया। शिव महापुराण की पावन कथा श्रवण के माध्यम से आम जन मानस सतमार्ग की तरफ प्रेरित होता है जिससे उसके जीवन में सुख शांति सदबुद्धि की प्राप्ति होती है। शिव लिंग पर अभिषेक करने से व महा मृत्युंजय मंत्र के जाप से भगवान शिव असाध्य रोग व अकालमृत्यु से रक्षा करते है। इस अवसर पर कथा आयोजक शिव परिवार कमेटी के पदाधिकारियों ने व्यास जी का सम्मान करते हुए व्यास पूजन किया व सामूहिक यज्ञ व विशाल काय भण्डारे आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






