मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों की छापेमारी से हड़कंप मचा रहा।

बुधवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशों तथा भारत सरकार के केंद्रीय कीटनाशी निरीक्षक के पत्र के क्रम में की गई इस छापामार कार्रवाई में कीटनाशी अधिनियम-1968 और कीटनाशी नियमावली-1971 के प्रावधानों का अनुपालन जांचा गया। निरीक्षण के लिए उत्पादन इकाइयों का चयन अद्यतन सूची से रैंडम आधार पर किया गया। संयुक्त टीम ने स्वास्तिक पेस्टिसाइड से तीन, आवंटिस पेस्टिसाइड से दो, इंडिया केमिकल फर्टिलाइजर से तीन, इनपेस्ट पेस्टिसाइड से एक और हेरिटेज ऑर्गेनिक्स से तीन नमूने लिए। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नमूनों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
निरीक्षण दल में भारत सरकार के वनस्पति संरक्षण संगरोध एवं संग्रह निदेशालय, फरीदाबाद के केंद्रीय कीटनाशी निरीक्षक नदीम अहमद, सहारनपुर मंडल के उप निदेशक कृषि रक्षा विकास कुमार तथा मुजफ्फरनगर के जिला कृषि अधिकारी/जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया शामिल रहे।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य जनपद में किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कीटनाशक उपलब्ध कराना और विनिर्माता इकाइयों में नियमों के पालन की जांच करना है। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद यदि किसी उत्पाद में गुणवत्ता संबंधी कमी मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






