मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा राजस्व वसूली लक्ष्य हासिल करने में पिछड़े जनपद में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मार्च में सभी साप्ताहिक अवकाश रद्द करते हुए शनिवार और रविवार को भी जनपद की चारों तहसीलों में रजिस्ट्री कार्यालय खुले रखने और भू-विलेखों का पंजीकरण कराने का कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश लेने पर इस माह रोक लगा दी गई है।
एडीएम वित्त व राजस्व गजेंद्र कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जनपद हेतु स्टाम्प राजस्व का निर्धारित वार्षिक लक्ष्य 424 करोड़ है, जिसके सापेक्ष माह जनवरी तक मुख्यमंत्री डैशबोर्ड द्वारा निर्गत जिला अनुश्रवण पुस्तिका के राजस्व वसूली आंकड़ों के तहत जिले में निर्धारित क्रमिक राजस्व लक्ष्य 351 करोड़ के सापेक्ष जिले की क्रमिक राजस्व प्राप्तियां मात्र 326.85 करोड़ यानि 93.12 प्रतिशत रही हैं, जो तय वार्षिक लक्ष्य 424 करोड़ के सापेक्ष मात्र 77.08 प्रतिशत है। उन्होंने इस स्थिति को संतोषजनक न ठहराते हुए कहा कि यह राजस्व वसूली के प्रति गंभीर लापरवाही साबित करता है। एडीएम वित्त ने बताया कि डीएम उमेश मिश्रा की ओर से वर्णित लक्ष्य एवं प्राप्ति के मध्य अधिक अंतर होने पर अवशेष लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति हेतु वित्तीय वर्ष की अवशेष अवधि मात्र अंतिम माह मार्च में भरसक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके लिए जिले की चारों तहसीलों में चल रहे रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए डीएम द्वारा निर्देश जारी किये हैं, जिनमें माह मार्च में पड़ रहे साप्ताहिक अवकाशों को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि होली के त्यौहार के लिए 13 व 14 मार्च को सार्वजनिक एवं 15 मार्च को निबंधित अवकाश होने के कारण राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने के कार्य में अपेक्षित कार्य दिवस अपर्याप्त प्रतीत होने पर मार्च माह के द्वितीय शनिवार 08 मार्च तथा समस्त रविवार अर्थात 2, 9, 16, 23 व 30 मार्च को तय साप्ताहिक अवकाश रद्द कर दिया है। इन दिनों में सामान्य कार्य दिवसों की भांति उप निबन्धक कार्यालय खुले रहेंगे तथा विलेख पंजीकरण का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जायेगा।
एडीएम ने इसके लिए सभी उप निबंधक रजिस्ट्रार को अपने क्षेत्रान्तर्गत बार एसोसिएशंस, दस्तावेज लेखक संघ व समस्त संबंधित को समयांतर्गत विधिवत सूचित करते हुए आम जनमानस के मध्य व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये हैं, ताकि उपरोक्त अवकाश के दिनों में जनमानस अपने विलेखों का अधिकाधिक संख्या में पंजीकरण करा सके और जनपद हेतु स्टाम्प राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।






