किसान समस्याओं को लेकर घेरी कलेक्ट्रेट, दिया धरना

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मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन मुख्यालय पर किया। इस बीच धरने पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए 11 सूत्रीय मांग पत्र किसान समस्याओं को लेकर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सरकार के नाम प्रेषित किया। अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने इससे पूर्व यूनियन के महावीर चौक स्थित कार्यालय पर एकत्रित हुए और वहां से एक बड़े जुलूस के रूप में भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कंपाउंड में धरना दिया।
डीएम कार्यालय पर धरने को संबोधित करते हुए भाकियू युवा नेता चौधरी गौरव टिकैत ने कहा कि वर्तमान सरकार में बैठे कुछ लोग किसानों को अराजक और किसान आंदोलन को अराजकता का नाम दे रहे हैं, ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान हमेशा देशभक्त रहा है जो खेत में अन्न के रूप में सोना उगाता है और बॉर्डर पर देश के लिए शहीद होने से भी परहेज नहीं करता। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालची लोग स्वार्थ के वशीभूत होकर किसान को तरह-तरह के नाम से नामित करके देश को भ्रमित करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जो अब तक थोड़ी बहुत किसान सम्मान निधि किसानों को मिल जाती थी उस पर भी सरकार की पैनी नजर है और उन्हें घेरने के लिए एक फार्मर रजिस्ट्री के नाम से कागजात जमा कराने को एक नया आदेश जारी हुआ है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आने वाला समय आंदोलन का है और किस-किस विभाग में किसान धरना देगा। ऐसे में मुजफ्फरनगर का जीआईसी मैदान बड़े आंदोलन के लिए उपयुक्त जगह है और जल्द बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने कहा कि हाल ही में विजोपुरा गांव में बिजली विभाग के एक जेई ने अभद्रता की और जवाब देने पर किसान के साथ मारपीट करने की कोशिश की और एक जिम्मेदार विभागीय पद पर रहते एक राजनीतिक कार्यकर्ता की भांति राजनीतिक नारे भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी किसान के साथ इस मामले को लेकर कोई अन्याय पूर्ण कार्यवाही की गई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम लोग बड़ा आंदोलन बिजली विभाग के खिलाफ करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं धीरज लाटियान ने कहा कि संगठन अपनी पुरानी शैली भूल गया है यदि बाबा टिकैत के समय की शैली दोबारा प्रयोग करना शुरू कर दिया तो शायद जो अधिकारी किसानों के शोषण पर आ गए हैं वह बैक फुट पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों के संयम की परीक्षा ना लें अन्यथा इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान रविंद्र पंवार, श्याम पाल चेयरमैन, नीरज पहलवान, सत्येंद्र बालियान, सतेंद्र पुंडीर, गुरमेल बाजवा, संजीव भारद्वाज, अनुज बालियान, कृष्णदत्त त्यागी, प्रमोद अहलावत, बलराम सिंह, नरेश पुंडीर, स. बूटा सिंह, स. जसविंदर ज्ञानी, सतनाम सिंह हंसपाल, सोनिया सैनी, विजेंद्र राठी, रामपाल, देव अहलावत, भरतवीर आर्य, स. अमीर सिंह, बिजेंद्र बालियान, संजीव पंवार, गुलशन चौधरी, जितेंद्र बालियान, मोनू चौधरी, योगेश बालियान, सुधीर शेरावत आदि ने भी अपना वक्तव्य रखा। पंचायत संचालन चौधरी शक्ति सिंह ने व अध्यक्षता ओम प्रकाश शर्मा ने की। किसान समस्याओं को लेकर घेरी कलेक्ट्रेट, दिया धरना
नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा 11 सूत्रीय मांग पत्र, दी चेतावनी
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन मुख्यालय पर किया। इस बीच धरने पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए 11 सूत्रीय मांग पत्र किसान समस्याओं को लेकर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सरकार के नाम प्रेषित किया। अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने इससे पूर्व यूनियन के महावीर चौक स्थित कार्यालय पर एकत्रित हुए और वहां से एक बड़े जुलूस के रूप में भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कंपाउंड में धरना दिया।
डीएम कार्यालय पर धरने को संबोधित करते हुए भाकियू युवा नेता चौधरी गौरव टिकैत ने कहा कि वर्तमान सरकार में बैठे कुछ लोग किसानों को अराजक और किसान आंदोलन को अराजकता का नाम दे रहे हैं, ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान हमेशा देशभक्त रहा है जो खेत में अन्न के रूप में सोना उगाता है और बॉर्डर पर देश के लिए शहीद होने से भी परहेज नहीं करता। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालची लोग स्वार्थ के वशीभूत होकर किसान को तरह-तरह के नाम से नामित करके देश को भ्रमित करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जो अब तक थोड़ी बहुत किसान सम्मान निधि किसानों को मिल जाती थी उस पर भी सरकार की पैनी नजर है और उन्हें घेरने के लिए एक फार्मर रजिस्ट्री के नाम से कागजात जमा कराने को एक नया आदेश जारी हुआ है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आने वाला समय आंदोलन का है और किस-किस विभाग में किसान धरना देगा। ऐसे में मुजफ्फरनगर का जीआईसी मैदान बड़े आंदोलन के लिए उपयुक्त जगह है और जल्द बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने कहा कि हाल ही में विजोपुरा गांव में बिजली विभाग के एक जेई ने अभद्रता की और जवाब देने पर किसान के साथ मारपीट करने की कोशिश की और एक जिम्मेदार विभागीय पद पर रहते एक राजनीतिक कार्यकर्ता की भांति राजनीतिक नारे भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी किसान के साथ इस मामले को लेकर कोई अन्याय पूर्ण कार्यवाही की गई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम लोग बड़ा आंदोलन बिजली विभाग के खिलाफ करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं धीरज लाटियान ने कहा कि संगठन अपनी पुरानी शैली भूल गया है यदि बाबा टिकैत के समय की शैली दोबारा प्रयोग करना शुरू कर दिया तो शायद जो अधिकारी किसानों के शोषण पर आ गए हैं वह बैक फुट पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों के संयम की परीक्षा ना लें अन्यथा इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान रविंद्र पंवार, श्याम पाल चेयरमैन, नीरज पहलवान, सत्येंद्र बालियान, सतेंद्र पुंडीर, गुरमेल बाजवा, संजीव भारद्वाज, अनुज बालियान, कृष्णदत्त त्यागी, प्रमोद अहलावत, बलराम सिंह, नरेश पुंडीर, स. बूटा सिंह, स. जसविंदर ज्ञानी, सतनाम सिंह हंसपाल, सोनिया सैनी, विजेंद्र राठी, रामपाल, देव अहलावत, भरतवीर आर्य, स. अमीर सिंह, बिजेंद्र बालियान, संजीव पंवार, गुलशन चौधरी, जितेंद्र बालियान, मोनू चौधरी, योगेश बालियान, सुधीर शेरावत आदि ने भी अपना वक्तव्य रखा। पंचायत संचालन चौधरी शक्ति सिंह ने व अध्यक्षता ओम प्रकाश शर्मा ने की।

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