हरिद्वार (रिपोर्टर)। भारत के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लाखों लोगों की स्मृति में राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सेठी के संयोजन में श्री गुरुनानक देव घाट पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस दौरान ज्ञानी सोहन सिंह के साथ अरदास की गई और मां गंगा में पुष्प अर्पित कर बलिदान देने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देश की एकता, अखंडता और खुशहाली की कामना की गई। प्रदेश अध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भारत में 14 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय स्मृति दिवस है। इसे 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद मनाया जा रहा है। इस दिन 1947 के विभाजन के दौरान हुई पीड़ा, विस्थापन और बलिदान को याद करते हैं। विभाजन के समय कई परिवार उजड़ गए और लाखों लोगों ने जान गंवाई। एक तरफ देश आजादी का जश्न मना रहा था तो दूसरी तरफ विभाजन का दर्द असंख्य परिवारों को झेलना पड़ा। हमारा उद्देश्य है कि समाज में एकता, सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की भावना मजबूत हो। देश हमेशा खुशहाल रहे और किसी को भी विभाजन का दंश न झेलना पड़े। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुनील सेठी ने वरिष्ठ समाजसेवी हरमोहन सिंह सहित कई वरिष्ठ पंजाबियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय पंजाबी महासभा ने जल्द ही गंगा घाटों पर सफाई अभियान शुरू करने की घोषणा भी की। वरिष्ठ समाजसेवी हरमोहन सिंह और वरिष्ठ पंजाबी नेता हरविंद्र सिंह ने कहा कि विभाजन के कारण कई लाख लोग विस्थापित हुए और कई लाख मारे गए। यह एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। सभी के द्वारा अरदास कर उन सभी के परिवारों को श्रद्धांजलि देते हैं और मां गंगा से देश में एकता और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। इस अवसर पर सतनाम सिंह, संजीव सहगल, अर्पण ग्रोवर, अजय अनेजा, लक्की अनेजा, गिरीश भाटिया, वरुण भाटिया, महिंदर सिंह, सतनाम सिंह भाटिया, उज्जवल सिंह, अमरपाल सिंह, इकबाल सिंह, हरीश भाटिया, अभिनव, लव, कुश, हेमलता सिंह, आरती अरोड़ा, प्रिया सेठी, रजनी अरोड़ा, हेमा सिंह, कुसुम अरोड़ा, राकेश अरोड़ा, राजेश सिंह, कुलदीप सिंह, अमित बजाज सहित सैकड़ों पंजाबी समाज के लोग उपस्थित रहे।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






