हरिद्वार (रिपोर्टर)। 52वें अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन के विशेष आयोजन के लिए स्पेशल इवेंट ग्रुप द्वारा की जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर पतंजलि के प्रदर्शन कला विभाग में समन्वयकों, अतिरिक्त समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों की बैठक आयोजित कर तैयारियों पर चर्चा की गयी। बैठक में स्पेशल इवेंट ग्रुप के मुख्य संयोजक स्वामी आर्षदेव एवं संयोजक डा.गौतम के मार्गदर्शन में विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार विमर्श किया गया। स्वामी आर्षदेश ने व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत और भरतनाट्यम, कथक, शास्त्रीय गायन, वादन एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियों के समन्वय, समय निर्धारण एवं मंच व्यवस्था पर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक के दौरान समन्वयकों, अतिरिक्त समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों को दायित्व सौंपे गए तथा अनुशासन, समयबद्धता एवं आपसी समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन में देश और विदेश से विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 3000 विद्वान एवं शोध छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। बैठक में प्रदर्शन कला विभाग की मुख्य समन्वयक डा.अल्का गिरी, संयोजक डा.चंद्रमोहन मिश्र, डा.अर्चना तिवारी एवं डा.अश्विनी, योग विभाग की संयोजिका डा.आरती पाल तथा डीएनवाईटी के संयोजक डा.नयन विश्वास सहित आयोजन से जुड़े छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






