मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन मुजफ्फरनगर में भारी अनियमिताओं के चलते सब रजिस्टार चिट्स एंड फंड्स सहारनपुर द्वारा संस्था के द्विवर्षीय चुनाव को रद्द करते हुए उक्त संस्था को कालातीत घोषित कर दिया है।
उक्त मामले में नीरज उर्फ यादवेन्द्र पाठक सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज तथा चिट्स,सहारनपुर ने कहा कि कार्यालय द्वारा कार्यकारिणी के विस्तार को विधिवत पंजीकृत न कराये जाने के कारण उक्त संशोधन वर्तमान में प्रभावी नहीं है, जिस कारण संस्था द्वारा दो वर्ष के अन्तराल पर कराये गये चुनाव को स्वीकार कर पाना विधिसंगत नहीं है। उपरोक्तानुसार संस्था के द्वारा प्रस्तुत द्विवार्षिक चुनाव कार्यवाहियों को अस्वीकार करते हुए संस्था की प्रबन्ध समिति को तत्काल प्रभाव से कालातीत घोषित किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालातीत प्रबन्ध समिति का चुनाव सोसाइटीज रजि0 एक्ट 1860 की धारा 25 (2) के अन्तर्गत कराये जाने का क्षेत्राधिकार मात्र अधोहस्ताक्षरी में निहित है। ऐसे में संस्था को निर्देशित किया जाता है कि, सोसाइटीज रजि0 एक्ट 1860 की धारा 4बी, के अन्तर्गत निर्धारित प्रारूप पर आम सभा की सूची व उसके परीक्षण हेतु संस्था के निम्न मूल अभिलेख जैसे:-यथा एजेण्डा रजिस्टर, कार्यवाही रजिस्टर, सदस्यता रजिस्टर, सदस्यता रसीद बुक, कैश बुक एवं बैंक पास बुक मूल रूप में पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर उनके कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, जिससे सदस्यों की शुद्धता का परीक्षण करते हुए संस्था की प्रबन्ध समिति के चुनाव के संबंध में अग्रेतर कार्यवाही की जा सकें। सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज तथा चिट्स, सहारनपुर के उक्त आदेश शिकायतकर्ता रिंकल बंसल एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सचिन सिंगल की शिकायत के आधार पर जारी किया है। संस्था के खिलाफ जारी आदेश से दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों में खलबली मच गई है।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






