हरिद्वार (रिपोर्टर)। निरंजनी अखाड़े के नवनियुक्त महामंडलेश्वर एवं सिद्धपीठ आनन्द वन समाधि के परमाध्यक्ष स्वामी रामानुज सरस्वती ने निरंजनी अखाड़ा पहुंचकर अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी से आशीर्वाद लिया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने मां मनसा देवी की चुनरी ओढ़ाकर महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती का स्वागत किया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन परंपरा विश्व की श्रेष्ठ परंपरा है। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती सनातन और निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए मानव कल्याण में योगदान देंगे। महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति का प्रचार प्रसार करना ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में श्रद्धालु भक्तों को धर्म व अध्यात्म का ज्ञान प्रदान करने के साथ विभिन्न सेवा प्रकल्पों का संचालन किया जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानन्द गिरी ने कहा कि संत परंपरा सनातन संस्कृति की संवाहक है। संतों के सानिध्य में सनातन का परचम पूरे विश्व में लहरा रहा है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद गिरी, स्वामी मनीष बाबा, महंत मोहनानन्द गिरी सहित कई संत महंत मौजूद रहे।

हिंदू धर्म की मान्यताओं में नैतिक आचरण व ब्राह्मणों की सर्वोच्च धार्मिक और बौद्धिक स्थिति का उल्लेख है- अशोक बालियान
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोशिएसन के चेयरमैन अशोक बालियान का कहना है कि हिंदू धर्म की मान्यताओं में नैतिक आचरण व ब्राह्मणों की सर्वोच्च धार्मिक और बौद्धिक स्थिति का उल्लेख है। उन्होंने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताएं कि सन् 1660 में प्रकाशित पुस्तक ‘De reyse en Optekeningh Van den Heer Boulaye’ में फ्रांसीसी






