मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मुजफ्फरनगर के व्यावसायिक वाहन स्वामियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों एवं ई-रिक्शा संचालकों की समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। मंत्री कपिल देव ने अपने पत्र में कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर मुजफ्फरनगर में व्यावसायिक वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था समाप्त कर वाहनों को बिजनौर एवं हरिद्वार उत्तराखंड में स्थित स्वचालित परीक्षण केंद्रों पर भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से स्थानीय ट्रांसपोर्ट उद्योग, बस एवं ट्रक आॅपरेटरों, लघु व्यावसायिक वाहन स्वामियों तथा ई-रिक्शा चालकों में गहरी चिंता और रोष व्याप्त है।
मंत्री कपिल देव ने ने सरकार के इस निर्णय से उत्पन्न हो रही प्रमुख व्यावहारिक कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए बताया कि अन्य जनपदों या राज्यों में फिटनेस हेतु जाने से इन लोगों को डीजल, टोल टैक्स व अन्य मदों में अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा। वहीं लंबी दूरी तय करने एवं परीक्षण केंद्रों पर प्रतीक्षा के कारण व्यावसायिक कार्य दिवसों का भी भारी नुकसान होगा। जिले में पंजीकृत लगभग 15,000 से अधिक ई-रिक्शा इतनी लंबी दूरी तय करने में सक्षम नहीं हैं, जिससे आजीविका पर भी संकट उत्पन्न होगा तथा सड़क सुरक्षा जोखिम बढ़ेगा। इसके अलावा परीक्षण में कमी पाए जाने पर वाहनों को पुन: ले जाना और लाना अत्यंत जटिल, समय साध्य व खर्चीला सिद्ध होगा। मंत्री कपिल देव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि जनहित, रोजगार संरक्षण तथा स्थानीय व्यापारिक संतुलन को दृष्टिगत रखते हुए मुजफ्फरनगर जिले में स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित होने तक अभी पूर्ववत एआरटीओ कार्यालय में मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था को जारी रखने के निर्देश प्रदान किए जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण जन समस्या पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।






