मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले सैकड़ों। किसानों ने बिना किसी सूचना के शहर में जुलूस निकालकर एसएसपी कार्यालय परिसर में घुसकर कार्यालय का घेराव किया और परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए जनसभा की। इस धरना प्रदर्शन में गठवाला खाप के चौधरी राजेन्द्र सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो 1987 से किसानों की लड़ाई लड़ने की बात कहते हैं वह अपनी एक उपलब्धि गिना दे जो उन्होंने किसान हित में की हो जबकि उनका संगठन तो तीन चार साल पुराना ही है।वह अपनी कई उपलब्धि बता सकते हैं। शाम करीब छह बजे प्रदर्शनकारियों के बीच एसपी सिटी ने पहुंचकर आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति आरडीएफ के नाम पर कूड़ा कचरा ला रहे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और किसानों की अन्य मांग पर भी विचार किया जाएगा।तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
पेपर मिलों में आरडीएफ के नाम पर कूड़ा कचरा जलाए जाने के मामले ने जबरदस्त तूल पकड़ लिया है। दो दिन पूर्व भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक की उपस्थिति में पकड़े गए एक ट्रक पर कार्रवाई करने में पुलिस ने हीला हवाली की थी और करीब पांच घंटे बाद मंसूरपुर थाना क्षेत्र की बेगराजपुर पुलिस चौकी पर कूड़ा कचरा भरे ट्रक को खड़ा कर जब्त किया था। इसके विरोध में शुक्रवार को कुछ ट्रांसपोर्टरों ने एसएसपी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया था कि भाकियू (अराजनैतिक) के पदाधिकारी प्रति ट्रक दस हजार रुपए की रंगदारी की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भाकियू (अ) कार्यकर्ता आक्रोश में भरे हुए थे। बिना किसी घोषणा के भाकियू (अराजनैतिक) के सैकड़ों कार्यकर्ता आज मुजफ्फरनगर पहुँच गए और महावीर चौक की ओर से विशाल जल्लूस लेते हुए सीधे कलक्ट्रेट के निकट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंच गए। इससे शहर में जाम की स्थिति बन गई।। एसएसपी कार्यालय पहुँचकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर अपना बैनर टांग दिया और वहां पर जनसभा शुरू कर दी। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बैनर हटाने को कहा तो उनकी भाकियू (अ) के कार्यकर्ताओं से झड़प भी हुई। कई वक्ताओं ने प्रदूषण विभाग प्रशासन और पुलिस पर पेपर मिल मालिकों का पक्ष लेने और सूचना दिए जाने पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इस अवसर पर ठाकुर कुशलवीर सिंह, बागपत जिलाध्यक्ष नरेन्द्र पाल सिंह आदि अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय संयोजक एवं गठवाला खाय चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक ने भी सख्त तेवर अपनाते हुए संगठन और नेताओं पर हो रही टीका टिप्पणी का जवाब देते हुए (बिना भाकियू का नाम लिए) कहा कि 1987 से एक संगठन काम करने की बात कहता रहा है जबकि हमारे संगठन को बने तीन चार साल ही हुए हैं वह संगठन 1987 से किसानों के लिए काम करने के नाम पर एक उपलब्धि बता दें जबकि हम कई उपलब्धि गिना सकते हैं। इस अवसर पर गठवाला खाप के थाम्बेदार बाबा श्याम सिंह ने कहा कि अगर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की ओर से कोई कमेंट आएगा तो उसके जिम्मेदार हमें लेकिन यदि दूसरी तरफ कोई कमेंट आया तो हम एक का जवाब चार देंगे।
भारतीय किसान यूनियन (अ) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि पुलिस का इकबाल बुलंद रहना चाहिए। बैनर लगाने को लेकर आज पुलिस और भाकियू (अ) के कार्यकर्ताओं में कुछ गर्मागर्मी हुई थी इसके प्रति वह दिल से खेद व्यक्त करते हैं। इससे पहले सिविल लाइंस थाने के प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह बार बार किसानों से एसएसपी कार्यालय पर लगाए गए बैनर को हटाने का अनुरोध करते रहे लेकिन किसानों ने बैनर नहीं हटने दिया था।
एसएसपी कार्यालय पर भाकियू (अ) के धरना प्रदर्शन पर राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसी भी सही काम में हाथ डालने पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाना बहुत सरल है। यदि उन्होंने रंगदारी मांगी है तो जांच कराकर उन्हें गिरफ्तार किया जाए लेकिन यदि कोई झूठा आरोप लगा रहा है तो उसकी भी जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाकियू (अ) के धरने पर देर शाम पहुंचे एसपी सिटी एसपी देहात और सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर उनकी मांगों के बारे में चर्चा की। इसके बाद एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत किसानों के बीच में आए और उन्होंने कहा कि अपनी बात कहने का सबको अधिकार है लेकिन हमारे अधिकार तभी तक हैं जहाँ दूसरे के अधिकार का हनन हो आज धरना प्रदर्शन से जाम भी लगा और एंबुलेंस भी इसमें फंसी। पुलिस को जाम खुलवाने में काफी मशक्कत भी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि आज जो धरना हुआ उसको बिना लोगों को परेशान किए भी किया जा सकता था लेकिन कोई सूचना का आदान प्रदान नहीं होने के कारण अव्यवस्था की स्थिति रही। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पुलिस पर लूज कमेंट किया उनको एक ही बात कहना चाहता हूँ कि हम यहाँ व्यवस्था बनाने के लिए हैं जब व्यवस्था अव्यवस्था की ओर जाती है तो पुलिस को सख्ती करनी होती है।यह शक्ति कई प्रकार की हो सकती है पुलिस फोर्स ट्रेंड पुलिस है फोर्स है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार संज्ञान किसानों की मांग पर लिया गया है और कूड़ा करकट जलाए जाने की मांग पर भी संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी पहले ही समिति का गठन कर चुके हैं। देर शाम एसपी सिटी के आश्वासन के बाद भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का धरना समाप्त हो गया।






