मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कचरा माफिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लेना भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों को महंगा पड़ गया है। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत के कड़े रुख के बाद, थाना सिविल लाइंस में संगठन के प्रदेश स्तरीय नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी आशुतोष कुमार की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने महावीर चौक से लेकर झांसी की रानी तक के मुख्य मार्गों को पूरी तरह बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपने वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े कर दिए और उनकी चाबियां निकाल लीं। इस कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई और सरकारी कर्मचारी, आम जनता सहित गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रहीं।
मुकदमे में सबसे गंभीर आरोप युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह पर लगा है। बताया गया है कि जब इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार ने पुलिस कार्यालय के बाहर लगे संगठन के अवैध बैनर हटाने का अनुरोध किया, तो दिगंबर सिंह ने उन्हें सार्वजनिक रूप से वर्दी फाड़ने की धमकी दी। इस दौरान वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस के साथ अमर्यादित व्यवहार किया। पुलिस ने इसे सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस बल का अपमान मानते हुए कार्रवाई की है।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी विरोध के नाम पर शहर की शांति भंग करने और सरकारी अधिकारियों के साथ अभद्रता करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो सकता है।
पुलिस ने भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह (बिजनौर), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी (बुलंदशहर), ब्लॉक अध्यक्ष कुशलवीर (चरथावल) और मोहित त्यागी (बुलंदशहर) सहित सैकड़ों अज्ञात कार्यकर्ताओं को नामजद किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 (2) (गलत तरीके से रास्ता रोकना), 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 191 (गैरकानूनी जनसमूह), 223 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा), 351 (2) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई है।

बाढ को लेकर कार्य योजना तैयार, 98 आपदा मित्रों की सेवा लेगा राजस्व विभाग
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिला पंचायत सभागार में सोमवार को संभावित बाढ की तैयारियों की समीक्षा डीएम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में डीएम उमेश मिश्रा व एडीएम वित गजेन्द्र कुमार ने बाढ़ की कार्य योजना के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ चौकियां, आश्रय स्थलों, बन्धों एवं बाढ के दौरान फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम की






