मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में जिम्मेदारों की उपेक्षा व अनदेखी से भ्रष्टाचार चरमोत्कर्ष पर है, ऐसे में पालिका में सांप्रदायिक भाईचारा निभाते हुए दो सभासदों ने पालिका भूमि पर ही अपना कब्जा कर लिया। मामले में शिकायत होने पर नगर पालिका प्रशासन नींद से जागा और एक मामले में तत्परता के बीच पालिका संपत्ति विभाग ने उक्त भूमि कब्जामुक्त कराते हुए सभासद के ताले तुड़वाकर अपना ताला डाल दिया, वहीं दूसरे मामले में विभागीय समिति गठन करते हुए अपनी भूमि वापस पाने की तैयारी कर रही है।
नगरपालिका परिषद् में संपत्ति पर हो रहे कब्जों की शिकायतों के बीच दो सभासदों के पालिका की भूमि को कब्जाने के आरोप सामने आए हैं। उक्त मामलों में बताया गया है कि वार्ड 27 के तहत मीनाक्षी चौक के पास नगर पालिका के क्वार्टरों के पास ही पालिका की भूमि, जिस पर कुछ निर्माण भी है। इसी भूमि पर एक सभासद ने अपना कब्जा करते हुए दरवाजा लगाने के बाद ताला डाल लिया, जबकि उक्त भूमि पालिका की संपत्ति है। इस मामले में शिकायत हुई तो ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के आदेश पर संपत्ति विभाग ने भागदौड़ कर जांच की, जिसमें शिकायत सही साबित होने के साथ पालिका भूमि पर सभासद का कब्जा पाया गया। विभाग ने रिपोर्ट दी तो चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने संपत्ति से सभासद के कब्जे को टीम भेजकर हटाने के साथ सभासद के ताले तुड़वा कर पालिका का ताला लगवाते हुए संपत्ति अपनी निगरानी में ली। वहीं रुड़की रोड पर पुलिस चौकी के पास वार्ड 32 में पालिका की संपत्ति पर एक सभासद ने कब्जा करते हुए अपना कार्यालय तक बना लिया। शिकायत होने के बाद पालिका प्रशासन ने जांच की। पहले तो अज्ञात के खिलाफ नोटिस चस्पा किया गया, लेकिन जांच में सभासद का नाम सामने आने पर नोटिस जारी करते हुए पालिका भूमि से अवैध कब्जा छोड़ने के लिए कहा गया। इसमें सभासद ने भूमि को अपनी बताते हुए जवाब दिया है कि उस पर वो बीते 12 वर्षों से काबिज हैं। मामला पेचीदा हुआ तो ईओ के आदेश पर संपत्ति विभाग ने इसमें कानूनी सलाह लेते हुए कानून के रास्ते से भूमि को सभासद से कब्जामुक्त कराने की तैयारी है।
इन्होंने कहा-
पालिका के संपत्ति विभाग के प्रभारी अधिकारी एई निर्माण नैपाल सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र में दो स्थानों पर पालिका की अचल संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। मीनाक्षी चौक के पास संपत्ति से अवैध कब्जा हटवाकर उसको अपनी निगरानी में ले लिया गया है, जबकि रुड़की चुुंगी के पास वाली संपत्ति में अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए जांच में पाया गया है कि यहां पालिका के द्वारा भूमि पर शौचालय निर्माण कराया गया था। इसी को एक सभासद द्वारा कब्जाया गया है। यहां गेट और अन्य निर्माण कर कार्यालय बनाया है। इस मामले में ईओ के निर्देश पर विधिक राय ली है। उसके अनुसार राजस्व विभाग व पालिका के संपत्ति तथा निर्माण विभाग से संयुक्त टीम बनाकर कार्यवाही की जायेगी। रक्षाबंधन के बाद कब्जा हटवाने की पूरी तैयारी की गई है।






