मुजफ्फरनगर। रेलवे रोड स्थित रेस्टोरेंट में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजन मित्तल एडवोकेट ने नगर स्तर की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए विभागों की कार्य शैली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था, वैध व अवैध ई-रिक्शाओं के साथ टेंपो आदि के संचालन के साथ पार्किंग जैसी समस्याओं की ओर जिलाधिकारी का ध्यान दिलाते हुए नालों की साफ-सफाई व कूड़ा निदान की समस्याओं में पालिका विफलता को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष रंजन मित्तल ने मीडिया के माध्यम से डीएम उमेश मिश्रा से कहा कि सरकार द्वारा 23 जुलाई, 2002 को जारी शासनादेश में स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई पत्रावली 4 दिनों से अधिक किसी भी सरकारी पटल पर लंबित नहीं रहनी चाहिए, परंतु ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासनादेश के बावजूद जिला स्तर पर आदेशों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। शिकायतें समय पर नहीं निपटने से आम नगरिकों को न केवल मानसिक कष्ट झेलना पड़ता है, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सिटीजन चार्टर के तहत 2023 में पुन: यह स्पष्ट किया था कि 3 दिनों से अधिक कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर इस पर अमल नहीं हो रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आमजन से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए जहां नगरीय क्षेत्र की समस्याओं को उजागर करने की बात की, वहीं वर्तमान कार्य प्रणाली पर बड़े सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए आमजन की समस्याओं के निदान कराने में सहयोग का आश्वासन भी दिया। वार्ता के दौरान मुख्य रूप से को-आॅर्डिनेटर दिनेश अवाना व सुधीर कुमार, प्रांतीय महासचिव सोशल मीडिया मुकेश शर्मा, सगीर मलिक, आरिफ अंसारी, अनमोल जैन, कमल मित्तल, रामनिवास सैन, ओमबीर सिंह, शबनम सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।






