मुजफ्फरनगर। लीगेसी वेस्ट का निस्तारण न होने के मामले मे एनजीटी में मुकदमा झेल रहे पालिका प्रशासन का सिरदर्द बढ़ गया है। इस प्रकरण में एनजीटी आदेशों का अनुपालन न कराने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नगरपालिका परिषद् की अधिशासी अधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। पूर्व नोटिस पर भी रिपोर्ट नहीं भेजने को लेकर बोर्ड ने कड़ी नाराजगी जताई तो पालिका पर रिकवरी का संकट बढ़ गया है। मामले में एनजीटी में 3 जुलाई को पालिका प्रशासन को जवाब दाखिल करना है।
नगरपालिका परिषद् के अधीन शहर के मौ. किदवईनगर स्थित एटूजेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के बंद होने से प्लांट में लाखों मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का निस्तारण पालिका प्रशासन के लिए टेढी खीर बना है। लीगेसी वेस्ट का निस्तारण न होने से एनजीटी की नाराजगी के बीच रिकवरी की तलवार भी लटकी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पालिका को जारी नोटिस में आदेशों की अवहेलना करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी तक दी गई है। इसमें बोर्ड ने मार्च माह में जारी नोटिस का कोई जवाब न देने व इसके लिए रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराने को लेकर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है। हालांकि नगरपालिका ने लीगेसी वेस्ट के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। इसे लेकर फराह खां ने विभिन्न बिन्दुओं पर एनजीटी में वाद दायर किया। एनजीटी द्वारा फराह खां की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगरपालिका परिषद् से जवाब मांगा। करीब 5.5 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का निस्तारण न होने पर एनजीटी ने आपत्ति जताई, तो शहर में 15 स्थलों पर बने डलावघरों को नियम के खिलाफ होने की शिकायत पर भी जवाब देने को कहा। इसके लिए मार्च में एनजीटी में सुनवाई के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ईओ को नोटिस जारी किया था। ईओ ने इस नोटिस के बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी को लीगेसी वेस्ट व डलावघरों को हटाने के लिए चल रही प्रगति रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी को भेजने के निर्देश दिये गये थे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने रिपोर्ट तैयार कराते हुए ईओ के समक्ष प्रस्तुत भी की, लेकिन ये रिपोर्ट फाइलों में दबाकर रख ली गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से फिर से कड़ी नाराजगी के साथ दूसरा नोटिस भेजा तो पालिका प्रशासन की आंखे खुली। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस मामले में रिपोर्ट भेजने में हुई लापरवाही को लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार लगाने के साथ उन्हें तत्काल ही प्रगति रिपोर्ट भेजने तथा मामले से जुड़े तमाम दस्तावेज एनजीटी में आगामी 3 जुलाई को होने वाली सुनवाई के लिए पालिका के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी कि यदि मामले में एनजीटी की ओर से पालिका के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी किया जाता है तो जुर्माना राशि जो भी होगी उनके वेतन से ही कटौती कराई जायेगी।
- इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि लीगेसी वेस्ट निस्तारण के लिए अब शासन से मदद मांगने की तैयारी की है। लीगेसी वेस्ट निस्तारण के लिए नीदरलैंड की कंपनी द्वारा पालिका को प्रस्ताव दिया है, लेकिन इसके शुरू होने में समय लग सकता है। ऐसे में लीगेसी वेस्ट के लिए शासन की जो भी नीति है, उसके अनुसार शासन से मदद मांग रहे है। उन्होंने पालिका नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार को शासन को प्रस्ताव भेजने के लिए तैयारी के निर्देश दिए हैं।






