नफीस कालिया गैंग से जुड़े रहे नदीम धोबी की अस्पताल में मौत

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मुजफ्फरनगर। नफीस कालिया गैंग से जुड़े नदीम धोबी की बीते दिवस अस्पताल में मौत हो गई लूट हत्या समिति विभिन्न मामलों में लंबे समय से जिला कारागार में बंद नदीम धोबी बीती काफी दिनों से बीमार चल रहे थे जिनका दिवस निधन हो गया। अपराध की दुनिया में बड़ा नाम रहे नदीम धोबी को करीब 2 वर्ष पूर्व मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 1980-90 के दशक में आतंक का पर्याय माने जाने वाले चर्चित नईम धोबी को 31 साल पुराने मुकदमे में साक्ष्य के अभाव में पूर्व में बरी कर दिया गया था। नईम धोबी पर कुख्यात नफीस कालिया, सलीम तोतला आदि के साथ गैंग बनाकर हत्या, डकैती तथा लूट आदि की घटनाओं को अंजाम देने के आठ मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें तत्कालीन नगर पालिका सभासद रमजान उर्फ रमजानी तथा चर्चित अजमल छिंपी हत्याकांड भी शामिल रहा था। वर्तमान में वह जिला कारागार में विभिन्न मामलों में बंद था जहां बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। नदीम धोबी के परिजनों ने जिला कारागार चिकित्सकों पर नाजिम की हत्या करने के आरोप लगाए।
शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह ने 1991 में नईम धोबी पुत्र बशीर निवासी खालापार को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि नईम धोबी ने कुख्यात नफीस कालिया, सलीम तोतला, बालम, शाहनवाज उर्फ पप्पू के साथ मिलकर एक गैंग बनाया। इसका उद्देश्य जनता को डरा, धमकाकर आर्थिक लाभ अर्जित करना था। इसके समर्थन में उन्होंने नईम धोबी गैंग द्वारा उस समय तक अंजाम दी गई लूट, हत्या तथा डकैती आदि की करीब छह घटनाओं का हवाला दिया था।

घटना-1, फार्म से ट्रैक्टर लूटने का प्रयास
नई मंडी निवासी सत्यप्रकाश मित्तल ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 16 जून 1996 को मिमलाना रोड स्थित उसके फार्म हाउस से चौकीदार से मारपीट कर बलपूर्वक उसका ट्रैक्टर लूटने का प्रयास किया गया। इस मामले में सलीम तोतला, नईम धोबी आदि को गिरफ्तार किया गया।

घटना-2, पुलिस पार्टी पर कातिलाना हमला शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक नरोत्तम सिंह ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि नईम धोबी गैंग ने पुलिस पार्टी पर कातिलाना हमला किया। नईम को मौके से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 455 बोर की इंग्लिश रिवाल्वर और कारतूस आदि बरामद किए गए।

घटना-3, सरवट गेट पर अजमल की हत्या
शहर कोतवाली क्षेत्र के सरवट गेट पर 31 दिसंबर 1988 को सुबह आठ बजे अजमल पुत्र इब्राहिम की हत्या कर दी गई थी। मोहल्ला लद्धावाला निवासी इसरार अहमद पुत्र इब्राहिम ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि नफीस कालिया, सलीम तोतला आदि ने उसके पिता इब्राहिम की हत्या की थी। उसका भाई अजमल हत्याकांड में गवाह था। नईम धोबी गैंग उसे गवाही देने से मना कर रहा था। इंकार करने पर उत् लोगों ने अजमल की भी हत्या कर दी थी।

घटना-4, रमजान को गोलियों से भूना
नगर पालिका सभासद रमजान 19 अगस्त 1989 को सुबह 9 बजे लद्धावाला स्थित अपने कार्यालय में दो साथियों के साथ बैठे थे। आरोप था कि नईम धोबी गैंग के लीडर सलीम तोतला ने साथियों सहित पहुंचकर बंदूक से गोलियां बरसा सभासद रमजान उर्फ रमजानी की हत्या कर दी। उसका एक साथी गोली लगने से गंभीर घायल हुआ। मृतक रमजानी के भाई नफीस पुत्र कमालुद्दीन ने मुकदमा दर्ज कराया था।

घटना-5, मेरठ में लूट की घटना हुई थी नाकाम
नईम धोबी गैंग के सदस्यों ने 31 जनवरी 1990 को थाना सदर बाजार क्षेत्र के शहीद स्मारक भैंसाली में एकत्र होकर एक शराब ठेकेदार को लूटने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, ठेकेदार को रोजाना बिक्री से मिलने वाले पांच से छह लाख रुपए लूटने की योजना थी। मगर, पुलिस ने करीब 11.15 बजे शस्त्र डकैत सलीम तोतला, नईम धोबी, शाहनवाज उर्फ पप्पू, ऐजाज और मेराज निवासी बकरा मार्केट को घटना अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

घटना-6, खालापार में किया कातिलाना हमला
11 अप्रैल 1991 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खालापार की गूलर वाली गली में लोगों पर रोब जमाने और आतंक का राज स्थापित करने के लिए गैंग के सदस्य नईम धोबी, सलीम तोतला तथा उसके भाई बालम आदि ने कय्यूम निवासी मल्हुपुरा पर गोलियां बरसाई थी। हमले में वह घायल हो गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए लिखा तथा कि लोगों में आतंक फैलाकर गैंग सदस्य आर्थिक लाभ अर्जित करना चाहते हैं।

घटना-7, ईद के दिन की थी शफीक की हत्या
23 जून 1991 को ईद का के दिन मुजफ्फरनगर निवासी शफीक पुत्र मेहरबान बाजार में घूम रहा था। तभी सलीम तोतला और गैंग के सदस्यों ने शफीक पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले के बाद शफी की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वारदात अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वारदात का आरोप सलीम तोतला, नईम धोबी और गैंग के अन्य सदस्यों पर लगा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

वादी मुकदमा का नईम को पहचानने से इंकार
शहर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 792/1991 के उस मुकदमे की सुनवाई विशेष गैंगस्टर एक्ट कोर्ट के जज एडीजे-5 बाबूराम ने की थी। अभियोजन पक्ष मुकदमे आरोपित नईम धोबी के विरुद्ध जनता का कोई स्वतंत्र साक्षी प्रस्तुत कराने में नाकाम रहा। ट्रैक्टर लूट के मामले में वादी मुकदमा सत्यप्रकाश मित्तल ने कोर्ट में पेश होकर कहा कि वह 95 वर्ष का है। अब उसे याद नहीं कि उसने ट्रैक्टर लूट का कोई मुकदमा दर्ज कराया था। वह आरोपित नईम पुत्र बशीर को भी नहीं जानता। इसके बाद कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में चर्चित नईम धोबी को बरी कर दिया गया था।

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