मुजफ्फरनगर। शिवसेना नेता मनोज सैनी के आह्वान पर बुधवार को पश्चिम बंगाल में वक्फ बोर्ड कानून की आड़ में हिंदुओं के साथ हो रहे सुनियोजित अत्याचार के साथ ही लूट खसोट के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने व अनुच्छेद 356 के अंतर्गत पश्चिम बंगाल सरकार को बर्खास्त करते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
इस दौरान शिवसेना के प्रदेश महासचिव डॉ. योगेंद्र शर्मा एवं मंडल अध्यक्ष लोकेश सैनी ने कहा पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर सुनियोजित ढंÞग से हत्या व बहन- बेटियों के साथ हो रही दरिंदगी के बावजूद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की खामोशी चिंता का कारण है, जिसमें दोषियों पर कोई भी कठोर कार्रवाई न होने से ऐसा लगता है कि जैसे वहां दंगाइयों को मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। शिवसेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा व नगराध्यक्ष जितेंद्र गोस्वामी ने अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि ऐसी सरकार व ऐसी मुख्यमंत्री का कोई औचित्य नहीं है। भारत सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए एवं अहिंसक घटनाओं की सीबीआई या न्यायिक आयोग से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने हमले में पीड़ित परिवारों को संरक्षण, पुनर्वास और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। इस दौरान मुख्य रूप से हिंदू नेता पंकज भारद्वाज, युवा जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा, मंडल महासचिव राजेश कश्यप, उपाध्यक्ष अमरीश त्यागी, पुष्पेंद्र सैनी, आशीष शर्मा, सचिन कपूर जोगी, भारत राजपूत, निकुंज सनातनी, अवनीश कुमार, राहुल, जसवीर, अरविंद, राहुल वाल्मीकि,भारत खोखर, अर्जुन कश्यप, गोपी वर्मा, रविंद्र शर्मा, सोनू कुमार, सुनील कुमार, अनुज कुमार, अतुल कुमार आदि मौजूद रहे।






