मुजफ्फरनगर। रविवार को किसानों की राजधानी सिसौली में डीएवी इंटर कॉलेज में आयोजित ऐतिहासिक विशाल जाट महापंचायत में देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा एवं राजस्थान के साथ वेस्ट यूपी के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में जाट नेताओं ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए आंदोलन को मजबूती देने का काम किया। सिसौली के इस ऐतिहासिक मंच से सभी जाट नेताओं और खाप चौधरियों ने एक साथ एक स्वर में केन्द्र में जाट आरक्षण की वकालत करते हुए लड़ाई लड़ने की हुंकार भरी। इसी के साथ जाट समाज में व्याप्त कुरीतियों पर भी वक्ताओं ने चिंता जताते हुए युवा पीढ़ी में बढ़ रही नशाखोरी, सूखा नशा, संयुक्त परिवार का विघटन, माता-पिता का अनादर, मृत्यु भोज व विवाह में खर्च किए जाने की कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया गया। जाट महापंचायत में खेती-किसानी के साथ व्यापार व शिक्षा ग्रहण करने का संदेश दिए जाने के साथ हर हालत में अब जाट आरक्षण लेने को हुंकार भरी।
किसानों की राजधानी सिसौली में रविवार को जाट महासभा मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में आयोजित महापंचायत में जनपद के साथ वेस्ट यूपी के शामली, बागपत, सहारनपुर बुलंदशहर, मेरठ, बिजनौर, हापुड़ के साथ हरिद्वार, रुड़की, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान से भी जाट समाज के हजारों लोगों ने शिरकत की। जाट महापंचायत की संबोधित करते पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि शिक्षा से ही समाज आगे बढ़ेगा। उन्होंने जाट समाज के राजनीति के क्षेत्र में पिछड़ने पर चिंता व्यक्त करने के साथ वर्तमान परिवेश में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने समाज हित के हर कार्य में तन-मन और धन से सहयोग का आश्वासन देते हुए हर संघर्ष में पूर्ण सहयोग के प्रति भरोसा दिलाते हुए जाट महासभा पदाधिकारियों की पहल की भी सराहना की। उन्होंने राजनीतिक रूप से पिछड़ेपन को मुखरता के साथ उठाते हुए कहा कि जाट समाज मूल रूप से किसान था, लेकिन शिक्षा, खेती और व्यापार में आगे बढ़ने के साथ ही जाट समाज राजनीतिक क्षेत्र में पिछड़ रहा है। पहले के मुकाबले जो वजूद राजनीति में जाट समाज ने बनाया था, उसमें कहीं न कहीं कमी आई है। उन्होंने कहा कि कभी भी कोई एक समाज कोई प्रमुख राजनीतिक परिणाम नहीं दे सकता है। राजनीतिक ताकत पाने के लिए उन्होंने समन्वय का फार्मूला सुझाते हुए कहा कि या तो किसी के साथ मिल जाओ या किसी को अपने साथ मिला लो, यहां सबका सहयोग करके ही चल सकते हैं। उन्होंने स्वर्गीय चौ. चरण सिंह के साथ भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष महेन्द्र सिंह टिकैत का जिक्र करते हुए कहा कि वो देशव्यापी एवं प्रभावशाली नेता थे, उनका प्रभाव और उनकी आवाज की गूंज वहां तक थी, जहां हमारा समाज कभी नहीं रहा।
सपा सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि समाज में नशा बहुत बढ़ गया है, जो चिंतन का विषय है, युवाओं को पठन-पाठन में लगना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को लेकर अपनी बात रखते हुए नशाखोरी, दहेज प्रथा और मृत्यु भोज के खिलाफ आवाज उठाई गई। इसके लिए खाप चौधरियों को एक समन्वय के साथ समाज को मार्गदर्शन का आह्वान किया। जाट महासभा के जिलाध्यक्ष चौ. धर्मवीर बालियान के संयोजन में आयोजित जाट महापंचायत की अध्यक्षता बालियान खाप मुखिया एवं भाकियू के राष्टÑीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत व संचालन जयवीर सिंह ने किया। जाट महापंचायत में मुख्य रूप से किसान नेता चौ. युद्धवीर सिंह, पूर्व विधायक भरत सिंह, कुलदीप सिंह अहलावत हरियाणा, जाट महासभा के महासचिव ओमकार अहलावत, बिजेन्द्र तोमर, संजीव आर्य, बिट्टू सिखेडा, ब्रजवीर सिंह, जगराम चौधरी अलीगढ़, चौ. सौदान सिंह थाम्बा चौधरी, प्रमोद प्रधान हडोली, दीपक राठी, उत्तम राठी इटावा, मेहर सिंह, सतीश सरपंच हरियाणा समेत जनपद जाट महासभा के पदाधिकारी मौजूद रहे।







