जिला पंचायत की बैठक में 72.65 करोड़ रुपये की आय का बजट पारित

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मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में वार्षिक बजट के साथ कई विशेष प्रस्तावों को सदन ने ध्वनिमत से स्वीकृत किया। सदन में कुछेक सदस्यों के हल्के विरोध के बीच मुजफ्फरनगर जनपद का नाम अब लक्ष्मीनगर किए जाने पर जोर दिया, जिसमें पूरा सदन एकमत नजर आया। इसके साथ केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए एक देश-एक चुनाव विधेयक को भी सदन का पूर्ण समर्थन मिला और ये दोनों प्रस्ताव पारित करते हुए मुख्यमंत्री को भेजे जाने की तैयारी शुरू कर दी। वहीं बोर्ड बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 72.65 करोड़ रुपये की आय का मूल बजट पारित करते हुए विकास कार्यों को गति देने की स्वीकृति सदन ने प्रदान कर दी। बोर्ड बैठक में पूर्व की भांति इस बार भी कई विभागों के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही कराने का सदन को भरोसा दिलाया।
शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित चौ. चरण सिंह सभागार में जिला पंचायत की बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में यूपी सरकार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, बिजनौर सांसद चंदन चौहान, बुढ़ाना विधायक राजपाल सिंह बालियान, सपा के सांसद हरेन्द्र मलिक के प्रतिनिधि के रूप में राकेश शर्मा ने भी भाग लिया। बैठक में गत कार्यवाही की पुष्टि समेत कुल 5 प्रस्ताव वाला एजेंडा एएमए ने सदन के सम्मुख रखा। एजेंडे पर चर्चा के दौरान सभी प्रस्तावों को सदन की पूर्ण सहमति मिली। इसमें जिला पंचायत के एएमए ने सदन को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला पंचायत ने 72 करोड़ 65 लाख 97 हजार 66 रुपये की आय जुटाने का अनुमान लगाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रथम 6 माह में जिला पंचायत ने 46.42 करोड़ रुपये आय अर्जित की है। इसके साथ बोर्ड बैठक में मुजफ्फरनगर जिले का नाम बदलकर लक्ष्मी नगर किये जाने की मांग करते हुए जिला पंचायत सदस्य मनोज ने आवाज उठाई, जिसका एक अन्य सदस्य यूनुस ने विरोध करते हुए मुजफ्फरनगर का नाम बदले जाने को सही बताते हुए जनपद में सांप्रदायिक एकता की खातिर मौहब्बतनगर या भाईचारा नगर किए जाने की पैरवी की। सदन में कुछ सदस्यों ने चर्चा के दौरान मुद्दे को उठाया, जिस पर सदन एक मत दिखाई दिया। सदस्यों ने कहा कि मुजफ्फरनगर जनपद धार्मिक लिहाज से महत्वपूर्ण व प्राचीन हैं। यहां शुकतीर्थ जैसा ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, ऐसे में इस जिले का नाम मुगलकालीन पहचान से अलग करते हुए इसे मां लक्ष्मी के नाम पर लक्ष्मीनगर करना चाहिए। वहीं सदन में एक देश एक चुनाव की व्यवस्था का भी समर्थन करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। इस बोर्ड बैठक के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने बताया कि सदन में जनपद के चहुंमुखी विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए हैं। जनपद का नाम बदलते हुए लक्ष्मीनगर करने और एक देश एक चुनाव का समर्थन हुआ है। इसके लिए हम जिलाधिकारी के माध्यम से दोनों ही प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भिजवायेंगे और उनसे आग्रह करेंगे कि जनपद मुजफ्फरनगर को लक्ष्मीनगर के नाम से नई पहचान दिलाने का काम किया जाये। उन्होंने बोर्ड बैठक में अधिकारियों के न आने की प्रवृत्ति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व में दी चेतावनी के बावजूद इस बार जो अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे, उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। इसके लिए हम शासन में भी पत्र लिखेंगे। बोर्ड बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप के अलावा अन्य जिला पंचायत सदस्य एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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