मुजफ्फरनगर। यूपी में विद्युत आपूर्ति के बदले गए शेड्यूल के बीच मचे घमासान के चलते भाकियू अ. के राष्टÑीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों के हित में जारी निर्णय को बदलने की मांग की। इस कड़ी में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के अंतर्गत सभी जनपदों में निजी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति को कम करने एवं दो भागों में बांटने के मौखिक आदेश को निरस्त किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे में निजी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति सुबह-शाम जाने एवं गर्मी के समय में 10 घंटे से घटाकर कम करना वास्तव में किसानों के साथ मजाक है। आधिकारिक स्तर पर गर्मी में बिजली से होने वाली दुर्घनाओं को कम करने का हवाला दिया जा रहा है। यह कारण उपयुक्त नहीं है। गर्मी के दिनों में किसानों को कृषि कार्य हेतु कम से कम 12 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जरुरत है। वर्तमान में किसानों को प्रात: 5:15 बजे से 10:15 बजे तक एवं सायं 4 बजे से 6 बजे के बजाय सुबह 5:45 बजे से 10:45 बजे तक एवं दोपहर 14:30 बजे से 18:30 बजे सांय तक आपूर्ति की जा रही है। जिससे फसलों की सिंचाई करना संभव नहीं है। दो पार्ट में बराबर आपूर्ति से उतनी सिंचाई होगी, जितनी सुबह के समय आपूर्ति से होगी। इसका मुख्य कारण है कि सुबह के समय की गई सिंचाई गर्मी के कारण शाम तक फिर सूख जाएगी, जिससे बिजली की अधिक खपत एवं सिंचाई कम होगी। उन्होंने मांग की कि वर्तमान में किसानों की बिजली की आवश्यकताओं को देखते हुए निजी नलकूपों पर विद्युत आपूर्ति सुबह 4 बजे से 12 बजे एवं सांय 4 बजे से 8 बजे तक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान आदेश को लेकर किसानों में भारी असंतोष की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से इसमें सुधार किए जाने की मांग करते हुए आगामी तीन महीनों के लिए किसानों को 12 घंटे निर्बाध आपूर्ति किए जाने की मांग की है।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






