मुजफ्फरनगर। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन की जांच में मुख्य सफाई निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर मामले में ईओ ने गंभीरता दिखाते हुए पटल लिपिक को नोटिस जारी करते हुए लापरवाही में जवाब तलब किया है, वहीं जांच कमेटी में सदस्य के रूप में मुख्य सफाई निरीक्षक को अपने दायित्व निभाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने इस मामले में जांच करने की बात कही है।
पालिका में अक्टूबर में एक व्यक्ति ने अपने पुत्र के जन्म के लिए शपथ पत्र के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट से आवेदन पत्र को जांच के लिए पालिका के जन्म मृत्यु विभाग में भेजा था। जांच करते हुए यह आवेदन वापस भेज दिया, लेकिन इसमें कुछ खामी रह जाने पर मजिस्ट्रेट कोर्ट से इसको दोबारा भेजते हुए रिपोर्ट मांगी गई। 4 दिन पूर्व यह आवेदन पुन: परीक्षण के लिए जांच कमेटी सदस्य मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश कुमार के सामने रखा गया तो वो पूर्व जांच पर अपने फर्जी हस्ताक्षर देख, हतप्रभ रह गये। उन्होंने ईओ प्रज्ञा सिंह से शिकायत करते हुए जांच का कार्य करने से इंकार कर दिया। इसके लिए ईओ ने उनसे मामले में रिपोर्ट तलब की थी। मुख्य सफाई निरीक्षक ने ईओ को अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए जन्म मृत्यु के शपथ पत्र वाले प्रकरणों में हो रही जांच में अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किये जाने का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर बताने के साथ जांच कार्य करने से इंकार कर दिया है।
इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर मामले में मुख्य सफाई निरीक्षक का प्रत्यावेदन मिला है, जिसमें उन्होंने जन्म मृत्यु शपथ पत्र व्यवस्था में आवेदन पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर रिपोर्ट अग्रसारित करने के आरोप लगाये हैं। इसे लेकर जांच करा रहे हैं, इसी कड़ी में आज पटल लिपिक नितिन कुमार को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह एक गंभीर प्रकरण है। ऐसे किसी कृत्य में दोषी को बख्शा नहीं जायेगा। इसके साथ मुख्य सफाई निरीक्षक को गंभीरता के साथ जन्म मृत्यु शपथ पत्र के आवेदनों पर जांच कमेटी के सदस्य के रूप में जांच कार्य करते रहने के निर्देश दिये गये हैं।






