मुजफ्फरनगर। कूड़े से पालिका की आय बढ़ाने के फार्मूले को धरातल पर लाने के लिए चेयरपर्सन के साथ ईओ पूरी तरह संवेदनशील बनी हुई है। इसके लिए एमआरएफ सेंटर एनजीओ की मदद से शून्य खर्च अनुबंध पर पालिका प्रशासन ने चलवाना भी शुरू कर दिया। एनजीओ इसके लिए मासिक रूप से पालिका को भुगतान भी करेगी। इसमें एमआरएफ सेंटर पर गीला और सूखा कूड़ा पहुंचाने के पालिका ने एमआईटूसी कंपनी को निर्देश दिये थे, लेकिन निर्देशों का पालन न होने पर ईओ ने सख्ती बरतते हुए कंपनी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा और वार्डों से सीधा कूड़ा एमआरएफ सेंटर पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
नगरपालिका परिषद् की पहल पर रुड़की रोड वार्ड 15 में एकता विहार में अपना एक एमआरएफ सेंटर एनजीओ के सहारे अनुबंध के आधार पर शुरू कर दिया है। यहां पर कूड़े का निष्पादन और प्रसंस्करण के लिए छह मशीनों को लगाया है। यहां करीब दस वार्डों से कूड़ा पहुंचाया जाना है। इसमें डोर टू डोर कूड़े को एमआईटूसी कंपनी को निर्देश दिये गये थे कि वो वार्डों से ही गीला और सूखा अलग-अलग एकत्र करते हुए सेंटर पर पहुंचायेंगे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, वहीं एनजीओ ने कई दिन बीत जाने पर भी तय मात्रा में कूड़ा सेंटर में नहीं पहुंचने की शिकायत ईओ से की थी। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कंपनी प्रबंधक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा और उन्हें तत्काल ही वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा वाहनों से सीधे सेंटर पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने नोटिस में साफ कहा है कि वार्ड में ही गीला और सूखा कूड़ा अलग किया जाये और उसे कंपनी के गारबेज ट्रांसफर सेंटर पर न पहुंचाकर सीधे एकता विहार में एमआरएफ सेंटर पर पहुंचाया जाये, ताकि वहां कूड़े का प्रसंस्करण व निष्पादन करते हुए उसका निस्तारण किया जा सके।
इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि एमआरएफ सेंटर शुरू होने से वहां कूड़ा पहुंचाया जा रहा है। पालिका स्तर से वाहनों से वहां कूड़ा ले जाया जा रहा है, लेकिन एमआईटूसी कंपनी निर्देशों का पालन नहीं कर रही। इसके लिए कंपनी को पत्र जारी करते हुए वार्डों से एकत्र गीला और सूखा कूड़ा अलग करते हुए एमआरएफ सेंटर पहुंचाने के लिए कहा है।
उधर, एमआरएफ सेंटर चला रही एनजीओ सचिव गुरू गौहर वाल्मीकि ने बताया कि सेंटर पर कूड़ा नहीं पहुंचने को लेकर हमने शिकायत की थी, जिसके बाद कंपनी को दिशा निर्देश जारी किये गये। कूड़ा पर्याप्त मात्रा में मिलेगा तो ही सेंटर को पूरी क्षमता से चलाने की व्यवस्था बन पायेगी।






