मुजफ्फरनगर । नगरीय क्षेत्र की बेपटरी हुई सफाई व्यवस्था को सुधारने के साथ क्षेत्र को क्लीन एंड ग्रीन बनाने में जुटी पालिका चेयरपर्सन की मंशा को डोर-टू-डोर कूड़े कलेक्शन में लगी एमआईटूसी कंपनी पलीता लगाने का काम कर रही है। पूर्व में कई बार धोखा दे चुकी कंपनी के कर्मचारी फिर दो दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण सोमवार को दूसरे दिन भी शहर में घर-घर कूड़ा उठान कार्य नहीं हो पाया। कंपनी के प्राइमरी जोन में रविवार सुबह डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कर्मियों ने सुपरवाइजरों का वेतन रोकने के विरोध में भोपा रोड पार्किंग में पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए सभी वाहनों का चक्का जाम कर दिया था, जो सोमवार को भी बादस्तूर जारी रही। सोमवार को तीन दौर की वार्ता के बाद भी कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों को मनाने में विफल साबित हुए।
पालिका परिषद् को ग्रीन एंड क्लीन बनाने की दिशा में सक्रिय चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को नई दिल्ली की एमआईटूसी कंपनी के साथ अनुबंध कुछ रास नहीं आ रहा, जिसके कारण बड़ी धनराशि देने के बावजूद भी शहर के 55 वार्डों में घर-घर कूड़ा कलेक्शन कार्य कामयाब नहीं हो सका है। हालांकि इसके लिए पालिका के सभी 55 वार्डों में कंपनी ने टीम के साथ टिपर गारबेज वाहनों संग कर्मचारी प्रतिदिन घर-घर से कूड़ा उठान कार्य में जुटा रखे हैं। पूर्व में हुई एक सप्ताह की हड़ताल में बेपटरी अभियान बीते दो दिनों से जारी हड़ताल से ठप है। इस बीच दूसरे दिन भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ी इस पार्किंग से नहीं निकली और कर्मियों ने कंपनी पर वेतन रोकने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर कामबंद हड़ताल जारी रखी। विरोध के दौरान कंपनी के आलाधिकारी कंवलदीप और परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह व अन्य अधिकारी कर्मचारियों के साथ कई दौर की वार्ता करने में जुटे रहे, लेकिन इन कर्मियों ने वेतन मिलने तक काम पर जाने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी ने वार्डों में लगे सभी 55 सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है। ऐसे में जब तक वेतन नहीं मिलेगा वो काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
इन्होंने कहा-
कंपनी के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार में कंपनी के एमडी कंवलजीत की मौजूदगी में कर्मचारियों से वार्ता सफल रही है और सोमवार से घर-घर कूड़ा उठान सभी वार्डों में शुरू होगा। उनहोंने बताया कि सुपरवाइजरों ने वार्डों में एकत्र किए घर-घर से यूजर चार्ज को अब कंपनी के अकाउंट में जमा कराने की बात की है। 55 सुपरवाइजरों में से मात्र 10-12 ने अपना हिसाब पूर्व में जमा करा दिया था। अब सोमवार से सभी सुपरवाइजर फिर से घर-घर से यूजर चार्ज के रूप में धनराशि एकत्र करने के साथ बैंक अकाउंट में जमा करने की पहल करेंगे, ताकि भविष्य में कोई परेशानी पैदा न हो।






