मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर खेतिहर मजदूर यूनियन मुज़फ्फरनगर के तत्वावधान एवं एक्शन एड एसोसिएशन, लखनऊ के सहयोग से बघरा ब्लॉक में असंगठित क्षेत्र के “मजदूरों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव” विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में निर्माण श्रमिकों, कृषि मजदूरों, मनरेगा कामगारों एवं दिहाड़ी मजदूरों ने भाग लिया। “जलवायु परिवर्तन एवं हीटवेव का मजदूरों के जीवन पर प्रभाव” पर जागरूकता हेतू 6 राज्यों में आज एक संयुक्त अभियान की शुरुआत की गई।
यूनियन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता कमर इंतखाब ने बताया कि मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम एवं समान वेतन, तथा श्रम कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है एवं उन्हें श्रमिक कार्ड पंजीकरण, ई-श्रम एवं अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ रहे है। उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी, बाढ़ एवं सूखे जैसे संकटों का सबसे अधिक प्रभाव श्रमिकों की आजीविका पर पड़ता है। अतः आज मजदूरों को संगठित करने, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने तथा नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से गौरव मलिक ने कहा कि आज असंगठित मजदूरों में नेतृत्व क्षमता विकसित हो रही है, जिससे वे स्वयं विभिन्न विभागों में जाकर अपने कार्य संपन्न करा रहे हैं। सम्मेलन के दौरान मजदूरों ने अपने अनुभव साझा किए। अमीरनगर की लक्ष्म ने बताया कि अत्यधिक गर्मी में काम करना दिन-प्रतिदिन जानलेवा होता जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में मजदूरों द्वारा जिलाधिकारी के नाम एक सामूहिक मांगपत्र तैयार किया, जिसमें प्रमुख मांगों में
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सभी बाहरी श्रम कार्यों (निर्माण आदि) पर अस्थायी रोक लगाई जाए। सभी कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल, छाया (शेड) एवं प्राथमिक उपचार की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, नियमित विश्राम (Rest Break) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लू से प्रभावित मजदूरों के लिए सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त एवं प्राथमिकता के आधार पर इलाज उपलब्ध कराया जाए। हीटवेव के कारण मृत्यु या गंभीर रूप से प्रभावित मजदूरों को कम से कम ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाए। श्रम विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी नियोक्ता हीटवेव सुरक्षा मानकों का पालन करें। मनरेगा एवं अन्य सरकारी योजनाओं में कार्य समय को बदलकर सुबह और शाम के समय कार्य कराया जाए।
जिला प्रशासन द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाकर मजदूरों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
सम्मेलन में विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मजदूरों के समेत यूनियन कार्यकर्ता, रेशमा, कविता, साहिल, गीता, लक्ष्मी, दीपा, मीनाक्षी, निशु, राखी, अनु आदि रहे।

अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्वाध्याय मंडल कार्यक्रम राष्ट्रीय सभागार हाल सिविल बार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता शलभ बंसल ने कार्यक्रम के विषय *घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005* के विषय में विस्तार से चर्चा की और






