मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड को लेकर हुई समीक्षा में मुजफ्फरनगर जनपद की स्थिति काफी खराब रही है। दिसम्बर माह की समीक्षा में जनपद की प्रदेश में 51वीं रैंक आयी है। इस बार अफसरों द्वारा विभिन्न कार्यों में लापरवाही बरती है, जिस कारण जनपद इस बार टॉपटेन सूची से बाहर हो गया। वहीं मुजफ्फरनगर रेवेन्यू में 59वीं और डेवलपमेंट में 34वीं रैंकिंग पर है, जबकि अक्टूबर माह में जनपद 7वें स्थान पर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर से प्रदेश में अनुश्रवण के लिए एक केन्द्रीयकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया। इस पोर्टल को सीएम डैशबोर्ड नाम दिया गया। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के साथ विभागीय योजना-परियोजनाओं में विभिन्न स्तरों के अफसरोंं के प्रदर्शन के आधार पर उनकी रैंकिंग तय की जा रही है। संबंधित विभाग द्वारा इस पोर्टल पर अपने आंकड़े भरे जाते है। सीएम डैशबोर्ड करीब 60 मापदंडों पर आधारित है, जिसमें विकास व राजस्व आदि के आंकडे भी दिए जाते है। प्रदेश में विभिन्न विभागों की सेवाओं व योजनाओं आदि को आॅनलाइन इंटीग्रेट करते हुए मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ तैयार किया जाता है। सीएम डैशबोर्ड की हर माह समीक्षा होती है। दिसम्बर माह की समीक्षा में जिला मुजफ्फरनगर पूरे प्रदेश में 51वें स्थान पर आया है। इससे पूर्व सीएम डैशबोर्ड को लेकर सितम्बर एवं अक्टूबर माह में जनपद की स्थिति अच्छी रही। इन दोनों माह में जनपद टॉपटेन की सूची में रहा है। सितम्बर माह में जनपद की प्रदेश में 5र्वी रैंक आयी थी। वहीं रेवेन्यू में 6वीं और डेवलपमेंट में 17वीं रैंकिंग थी। जबकि अक्टूबर माह में सातवीं रैंक आयी थी।
इन्होंने कहा-
डीएसटीओ ज्योति प्रजापति ने बताया कि लखनऊ स्तर पर सीएम डैशबोर्ड को लेकर दिसम्बर माह की समीक्षा में मुजफ्फरनगर जनपद 51वें स्थान पर आया है। वहीं रेवेन्यू में जनपद की 59वीं और डेवलपमेंट में 34वीं रैंक आयी है।







