मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना मूल्य घोषित किए जाने को लेकर प्रदेशाध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने प्रमुख सचिव गन्ना व चीनी उद्योग वीणा कुमारी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भाकियू नेताओं ने जल्द से जल्द गन्ना मूल्य 450 रुपए कुंतल घोषित किए जाने एवं बकाया भुगतान किए जाने की मांग करते हुए कहा कि बराबर के राज्य हरियाणा व पंजाब में गन्ना मूल्य घोषित किया जा चुका है। प्रदेश में गन्ना मूल्य घोषित न किए जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है। किसान इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति में है कि उन्हें उनकी फसल का मूल्य क्या मिलेगा?
भाकियू अराजनैतिक ने प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग को सौंपे ज्ञापन में गन्ना मूल्य घोषित किए जाने के साथ बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रदेश का गन्ना किसान गन्ने का मूल्य 450 रुपए क्विंटल कराने की मांग कर रहा है। प्रदेश में 28.5 लाख हैक्टेयर भूमि में गन्ने की खेती होती है जिसमें पिछले सत्र में लगभग 24 करोड़ कुंतल गन्ना चीनी मिलों को आपूर्ति किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि 2022-23 के सत्र में उत्तर प्रदेश में पंजाब के बराबर भाव मिलता तो इन किसानों को 720 करोड़ रुपए ज्यादा मिलते। हरियाणा के बराबर भाव में 528 करोड़ रुपए ज्यादा मिलते। यदि पिछले दो सत्रों की बात की जाए तो हरियाणा के किसानों के बराबर गन्ना मूल्य उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलता तो 816 करोड़ रुपए ज्यादा मिलते। यदि पंजाब के आधार पर देखा जाए तो पिछले दो सत्रों में उत्तर प्रदेश के किसानों को 960 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।






