मुजफ्फरनगर। नगरपालिका में जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठना कोई नई बात नहीं है, पहले से उठते रहे सवालों में सख्ती के अभाव में यह परिपाटी सदियों से जारी है। वैसे पालिका में संसाधनों की खरीद में जितनी गंभीरता से अधिकारी रूचि दिखाते हैं, उनके उपयोग के लिए उनकी उतनी ही लापरवाही उजागर होती रही है। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बीते दिवस निरीक्षण किया तो यह 10 लाख रुपए की कबाड़ होती जा रही मशीन का प्रकरण सामने आ गया, नहीं तो कई मशीनें-संसाधन इसी तरह बिना उपयोग गल जाना आम बात है।
बीते दिनों चेयरपर्सन ने कम्पनी बाग का निरीक्षण किया तो वहां पर बड़ी संख्या में हाथ रेहड़ा खड़े पाये गये थे, जिन्हे वितरण करने के निर्देश दिये गये थे। इनमें अभी तक शत-प्रतिशत वितरण नहीं हो पाया है। इसे लेकर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है तथा उनसे वितरण रिपोर्ट भी मांगी गई है। उनका कहना है कि सभी सफाई नायकों को जरुरत के अनुसार हाथ रेहड़ा कर्मियों को उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि शहर की छोटी गलियों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। उधर, जिला अस्पताल के बाहर डलाव घर पर लाखों रुपए की मशीन पालिका अफसरों की लापरवाही उजागर करने के लिए पर्याप्त है।






