एकमुश्त समाधान योजना में उदासीनता से बढ़ी अफसरों की चिंता

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मुजफ्फरनगर। योगी आदित्यनाथ सरकार ने विद्युत उपभोक्ताओं को अपना बकाया बिल जमा करने के लिए प्रदेश में एकमुश्त समाधान योजना का विकल्प दिया, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस विकल्प का भरपूर फायदा उठा नहीं पा रहे हैं। बिजली बिल में मिल रही ब्याज की छूट के लिए उपभोक्ता ऐसे में रजिस्ट्रेशन कराने में देरी के साथ उक्त ओटीएस योजना का लाभ ही नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में पॉवर कारपोरेशन को कम राजस्व की प्राप्ति हो पा रही है। जनपद में बीते 15 से 31 दिसम्बर 2024 तक पहले चरण में मात्र 58 हजार विद्युत उपभोक्ताओं ने ही जनपद में ओटीएस का लाभ लेते हुए करीब 52 करोड़ रुपए की धनराशि जमा कराई है। अब द्वितीय चरण शुरू हो गया, जो 15 जनवरी तक चलेगा।
जनपद मुजफ्फरनगर में शुरू हुई एकमुश्त समाधान योजना में पॉवर कारपोरेशन तमाम प्रयासों के बावजूद 15 से 31 दिसम्बर 2024 तक जारी पहले चरण में 58 हजार विद्युत उपभोक्ताओं को ही ओटीएस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर पाया है। इस बीच जिले में उक्त बकाएदारों द्वारा करीब 52 करोड़ रुपए की धनराशि पॉवर कारपोरेशन कोष में जमा कराई है। विभाग का अब द्वितीय चरण शुरू हो गया है, जो 15 जनवरी तक चलेगा। बड़े बकायेदारों को लाभ पहुंचे व राजस्व की वसूली करने के लिए पॉवर कारपोरेशन ने योजना को शुरू किया है। जिले में करीब 5.84 लाख बकायेदारों पर करीब 510 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इन तमाम उपभोक्ताओं को ओटीएस योजना के तहत लाभ मिल सकता है, लेकिन पहले चरण में मात्र 58 हजार उपभोक्ताओं द्वारा 52 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। अब एक जनवरी से दूसरा चरण शुरू हो गया, जो 15 जनवरी तक अभी चलेगा। शेष बकायेदारों द्वारा ओटीएस योजना का लाभ नहीं लिया जा रहा है। उधर, लक्ष्य प्राप्ति के लिए पॉवर कारपोरेशन के अफसरों की विशेष अभियान चलाते हुए बड़े बकायेदारों की बिजली काटनी पड़ रही है, ताकि ओटीएस योजना से ऐसे तमाम उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा जा सके।

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