शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर हुई समाप्त, 21 दिन चली हड़ताल

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मुजफ्फरनगर। केंद्रीय संघर्ष समिति, मेरठ के आह्वान पर बीते दिनों जनपद एवं सत्र न्यायाधीश गाजियाबाद द्वारा न्यायिक गरिमा एवं श्रेष्ठता का हनन करते हुए गाजियाबाद अधिवक्ताओं पर किए बर्बरता पूर्ण लाठी चार्ज के विरोध स्वरूप सोमवार को भी 21वे दिन कचहरी में आन्दोलन जारी रहा। हालांकि देर सायं शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर हड़ताल को वापस ले लिया गया। इस बीच पूर्णत: चैंबर बंद करते हुए अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
गाजियाबाद में अधिवक्ताओं के साथ हुए दुर्व्यहार और कोर्ट रूम में पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किए जाने के विरोध में सोमवार को 21वे दिन भी कचहरी में धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने आंदोलन जारी रखा। हालांकि सोमवार सायं को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव की ओर से जारी पत्र के आधार पर अगले तीन सप्ताह तक हड़ताल का स्थगित किए जाने के साथ मंगलवार से प्रदेश में अधिवक्ताओं को कार्य करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अपने पत्र में बार एसोसिएशन ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश उत्तर प्रदेश के आश्वासन एवं सभी बार संघों से वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है। अब सोमवार से यूपी में सभी न्यायालयों में कामकाज पहले की भांति सुचारू रूप से किया जाएगा। इससे पूर्व सोमवार को कचहरी में धरने की अध्यक्षता सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष ब्रिजेन्द्र सिंह मलिक ने की। धरने को संबोधित करते हुए मुख्य रूप से वक्ताओं ने पुलिस लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। धरने पर मुख्य रूप से पूर्व सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल दीक्षित, अशोक कुशवाहा उदय वीर पोरिया, सत्यपाल सिंह नरेश, जितेंद्र पाल सिंह, प्रदीप मलिक, प्रवीण खोखर, विकास कश्यप, अशोक चौहान, राकेश पाल, आजम अब्बास, संदीप त्यागी, सतीश लाटियान, राहुल चौधरी, अरुण धारीवाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।

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