मुजफ्फरनगर। सीबीएसई बोर्ड की ओर से शारदेन स्कूल में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम संपनन हुआ, जिसमें कार्यक्रम का मुख्य विषय एजुकेटिंग पैरेंट्स अबाउट एजुकेशन था। कार्यक्रम उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करना और शिक्षकों को इस दिशा में प्रभावी सहयोग के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम की शुरूआत सुबह 9 बजे शारदेन स्कूल की प्राचार्या धारा रतन, मुख्य संसाधन रमणीत स्वरूप, स्वाति के. यूनियाल ने ज्योति प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम आरंभ किया। इस कार्यक्रम में न केवल शारदेन स्कूल के शिक्षक व अभिभावक अपितु आसपास के कई स्कूलों के शिक्षक मौजूद रहे। उपस्थित शिक्षक की संख्या 41 थी। आयोजन शिक्षकों व अभिभावकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में दो प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने सेवाएं दीं। प्रथम संसाधन व्यक्ति रमणीत स्वरूप, जो भारतीय अकैडमी, रुड़की की प्राचार्या हैं, ने अपने व्याख्यान में बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक प्रयास है जिसमें अभिभावक, शिक्षक, और समाज की समान भागीदारी होनी चाहिए। दूसरी संसाधन व्यक्ति, स्वाति उनियाल जो ज्ञानदा इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्या हैं, ने इस बीच अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बनाने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरुरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों को तकनीकी शिक्षा के साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र, और व्यावहारिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें शिक्षकों और अभिभावकों ने सक्रिय भाग लिया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, और कार्यक्रम के समापन पर शारदेन स्कूल की प्राचार्या ने सीबीएसई और दोनों संसाधन व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।






