मुजफ्फरनगर। बीते दिनों गाजियाबाद जनपद न्यायाधीश के कोर्ट रूम में हुए इस मामले के बाद अधिवक्ताओं पर कचहरी परिसर में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किये जाने का विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस प्रकरण में अधिवक्ताओं के सम्मान की लड़ाई को धार देने की दिशा में शुरू अभियान के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश बैंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर अधिवक्ताओं की इस हड़ताल को दो दिन और बढ़ाया गया है। इन दो दिनों में अधिवक्ता अपने चैम्बर भी नहीं खोलेंगे और टाइप वर्क भी नहीं किया जायेगा। इस कलमबंद हड़ताल के लिए अब जिला बार एवं सिविल बार ने अपनी तैयारी कर ली है।
बता दें, बीते दिनों जिला जज गाजियाबाद के कोर्ट रूम में केस की सुनवाई के दौरान किसी बात को लेकर अधिवक्ताओं में बहस हो गई, इसके बाद में पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस कर्मियों ने कोर्ट रूम परिसर में मौजूद रहे अधिवक्ताओं के खिलाफ बल का प्रयोग किया। इसके विरोध में केन्द्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश भर के अधिवक्ता चार नवम्बर से काम बंद हड़ताल पर हैं। इस आंदोलन को तहसील बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दे रखा है। आंदोलन की इस कड़ी में जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी व सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रिजेन्द्र सिंह मलिक ने बताया कि रविवार को संपन्न बैठक के दौरान सर्व सहमति से आंदोलन को और आगे बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसमें गाजियाबाद बार एसो. के प्रकरण के समर्थन में अब 11 एवं 12 नवंबर को भी सभी अधिवक्ता अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि इस बीच सोमवार और मंगलवार को सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहेंगे। इन दो दिनों में कोई टाइप वर्क नहीं किया जाएगा तथा चैंबर भी नहीं खोले जाएंगे। वहीं बैंकों के पैनल पर अधिवक्ता अपने चैंबर्स पर कोई कार्य नहीं करेंगे। सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष ब्रिजेन्द्र सिंह मलिक ने बताया कि सोमवार सुबह सभी अधिवक्ता कचहरी गेट पर ही एकत्र होंगे और वहीं पर धरना दिया जायेगा।






