मुजफ्फरनगर। पालिका बोर्ड बैठक में सोमवार को उस वक्त सभागार में माहौल बदला सा नजर आया। इसमें पहली बार सपा सांसद हरेन्द्र मलिक पदेन सदस्य के रूप में पहुंचे। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बुके देकर उनका भव्य स्वागत किया। अपने संबोधन में सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि सभासद जनप्रतिनिधि के रूप में सांसद से भी महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका जुड़ाव लगातार जनता से है। ऐसे में अधिकारी-कर्मियों को चाहिए कि वो सभासद को पूर्ण सम्मान दें, विकास की कार्ययोजना बनाने से पूर्व उनसे विचार विमर्श करते हुए उनके क्षेत्रों के कार्यों को प्राथमिकता पर सम्मिलित किया जाये। जो सड़कें बनवाई जा रही हैं, यदि वो 5 वर्ष से पहले टूट रही हैं तो ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही हो। उन्होंने सभासदों को नसीहत देते हुए कहा कि वो अफसरों को हटाने और दबाने के प्रयास छोड़कर शहरी विकास के लिए दलगत राजनीति से उठ कर काम करने का काम करें। सपा सांसद ने सभासदों द्वारा ईओ गाड़ी का मुद्दा उठाना गलत और अनावश्यक बताते हुए उन्हें गाड़ी मुहैय्या कराने की पैरवी की। सपा सांसद की पैरवी के बाद सदन में गत कार्यवाही की पुष्टि में सभासद राजीव शर्मा व मनोज वर्मा समेत अन्य सभासदों ने ईओ को गाड़ी देने के पूर्व के प्रस्ताव को निरस्त कराने के साथ अन्य प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगा दी।






