मुजफ्फरनगर। पालिका में नगर मजिस्ट्रेट ने डीएम के निर्देश पर छापा मारा इस दौरान कई अफसर और कर्मी नदारद मिले। नगर मजिस्ट्रेट की छापेमारी से पालिका में घंटों तक हड़कंप मचा रहा। गैरहाजिर रहे अफसरों व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही को लेकर आशंका बनी रही।
बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप अचानक नगर पालिका के मुख्यालय टाउनहाल पहुंचे, जहां उन्हें देखकर पालिका में हड़कम्प मच गया। इस दौरान उन्होंने सभी कार्यालयों में निरीक्षण करते हुए वहां विभागीय अफसरों व कर्मचारियों की उपस्थिति को परखने का काम किया। उन्होंने इन विभागों के उपस्थिति रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए। करीब साढ़े दस बजे तक भी कार्यालय में उपस्थित न होने वाले अफसर और कर्मियों की गैर हाजिर दर्ज करा दी गई। इसके साथ उन्होंने ड्यूटी पर समय से हाजिर न होने वाले कर्मियों के प्रति नाराजगी जताई। बताया गया बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के बीच पालिका की लेखाकार प्रीति रानी, लिपिक लेखा विभाग मौ. नदीम, लिपिक मनोज पाल, कंट्रोल रूम में तैनात मौ. सालिम और अनुचर इकबाल गैर हाजिर पाये गये। नगर मजिस्ट्रेट ने पांचों अनुपस्थित रहे कार्मिकों की इस बीच उपस्थिति पंजिका में रेड मार्किंग करते हुए गैर हाजिरी लगा दी। हालांकि निरीक्षण के दौरान पालिका दफ्तर में नगर मजिस्ट्रेट को ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह उपस्थित नहीं मिली। उन्होंने फोन पर संपर्क किया तो वो उस समय कमला नेहरू वाटिका कम्पनी बाग में विभागीय निरीक्षण पर मौजूद मिलीं।
इन्होंने कहा-
नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि बुधवार को सुबह डीएम के निर्देश पर नगर पालिका कार्यालयों का औचक निरीक्षण करते हुए अफसरों और कर्मचारियों की उपस्थिति को चैक किया। इस दौरान लेखाकार समेत पांच कर्मी ड्यूटी से गैर हाजिर मिले। करीब साढ़े दस बजे तक ये कार्यालय नहीं पहुंचे थे, इनकी गैर हाजिरी उपस्थिति पंजिका में अंकित कर दी गई है। इसके साथ ही कार्यवाही की संस्तुति के साथ निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी गई है। अब जिलाधिकारी स्तर से इसमें आगामी कार्यवाही की जायेगी।







