मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के द्वारा सीमा विस्तार में मिले नए क्षेत्र में प्रत्येक भवन को संख्याबल के आधार पर एक नई पहचान देने की तैयारी भी की गई है। अभी तक ग्रामीण अंचल के रूप में इन भवनों को जो नम्बर दिया गया था, उसको बदला जायेगा। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि नए क्षेत्र में भवनों को नया नम्बर देने का काम होगा। नए नम्बर के साथ यह भवन पालिका के रिकॉर्ड में दाखिल किये जायेंगे। सर्वे के दौरान टीम द्वारा पालिका द्वारा निर्धारित नम्बर की प्लेट घर घर वितरित की जायेगी। एक नम्बर प्लेट के लिए सर्वेकर्ता टीम को भवन स्वामी द्वारा 177 रुपये का भुगतान करना होगा। जो भवन स्वामी यह भुगतान नहीं करेगा, उसको नम्बर प्लेट नहीं दी जायेगी। ऐसी सभी नम्बर प्लेट पालिका टैक्स विभाग में जमा होंगी और पालिका के रिकार्ड में भवन दाखिल कराने के लिए यह नम्बर प्लेट पालिका से लेनी अनिवार्य होगी। ऐसी दशा में भवन स्वामी को जुर्माना के तौर पर यह प्लेट 350 रुपये का भुगतान देने के बाद उपलब्ध होगी।
बता दें कि सितम्बर 2022 में मुजफ्फरनगर शहर के आसपास के 15 गांवों के करीब 4524 हेक्टेयर क्षेत्रफल को नगरपालिका परिषद् क्षेत्र में शामिल करते हुए पालिका का सीमा विस्तार किया गया था। इसमें सबसे बड़ा भू-भाग गांव सूजड़ू के रूप में पालिका क्षेत्र में शामिल हुआ और इस सीमा विस्तार के बाद 11 आबाद गांवों में निवास करने वाली करीब 1.78 लाख आबादी ग्रामीणा अंचल से निकलकर शहरी हो गई थी। इसके बाद हुई पालिका चुनाव के बाद करीब सवा साल से पालिका इन क्षेत्रों में पथ प्रकाश, सफाई, पेयजलापूर्ति, सड़क और नाले-नाली निर्माण, जल निकासी, नालों की सफाई आदि सुविधाएं लगातार प्रदान कर रही है, लेकिन अभी तक इस नए क्षेत्र को टैक्स के दायरे में शामिल नहीं किया गया था।







